बीजेपी का संगठनात्मक मास्टर स्ट्रोक एमपी में पदाधिकारियों पर सख्त नियम और ‘नो होम टर्फ’ लागू

मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आगामी चुनावों और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने निगम और मंडलों में नियुक्त होने वाले पदाधिकारियों के लिए नियमों को सख्त कर दिया है, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत हो और आंतरिक गुटबाजी पर रोक लगाई जा सके। इस नई व्यवस्था के तहत अब निगम-मंडल के पदाधिकारियों को मंत्री का दर्जा और वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं मिलेगा, बल्कि उनसे सीधे तौर पर काम और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाएगी। पार्टी ऐसे पदाधिकारियों को उन विधानसभा क्षेत्रों में भेजने की योजना बना रही है जहां पिछले चुनावों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा या संगठन कमजोर स्थिति में है। इसके साथ ही ‘नो होम टर्फ’ (No Home Turf) फॉर्मूला भी लागू किया जाएगा, जिसके तहत किसी भी नेता को उसके गृह जिले या गृह विधानसभा क्षेत्र में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर वर्चस्व की लड़ाई और गुटबाजी को रोका जा सके। पार्टी का मानना है कि इस बदलाव से कमजोर सीटों पर संगठन को समय रहते मजबूत किया जा सकेगा और पदाधिकारियों को केवल प्रतिष्ठा के बजाय वास्तविक काम और परिणाम देने पर फोकस करना होगा।







