भोपाल अयोध्या बायपास 10-लेन प्रोजेक्ट को NGT की मंजूरी, पर्यावरण शर्तों के साथ मिलेगा नया स्वरूप

भोपाल के अयोध्या बायपास को 10-लेन बनाने की बहुचर्चित परियोजना को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की नई दिल्ली पीठ से मंजूरी मिल गई है, हालांकि अधिकरण ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण के दौरान सभी पर्यावरण संरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई को लेकर भोपाल में विरोध शुरू हुआ और पर्यावरणविदों ने इस पर आपत्ति जताई। पर्यावरणविद और याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना का कहना था कि हजारों पुराने पेड़ों के हटने से शहर की हरियाली और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा। वहीं सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने तर्क दिया कि बढ़ते ट्रैफिक, जाम और सड़क हादसों को देखते हुए इस बायपास का विस्तार जरूरी है और पेड़ों की कटाई की अनुमति नियमानुसार ली गई है, साथ ही बदले में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। NGT ने मंजूरी देते हुए निर्देश दिया है कि प्रतिपूरक पौधारोपण की नियमित निगरानी की जाए और इसके लिए वन विभाग, नगर निगम, उद्यानिकी विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त समिति बनाई जाए, जो अगले 15 वर्षों तक पौधों की स्थिति पर नजर रखेगी। करीब 16 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर लगभग 836 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसमें 7,871 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है, जिनमें कई पेड़ 40 से 80 वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का दावा है कि कटने वाले पेड़ों के बदले 81 हजार नए पौधे लगाए जाएंगे, जबकि फिलहाल पेड़ों की कटाई पर लगा अंतरिम स्थगन जारी रहने से पर्यावरण संरक्षण की मांग कर रहे लोगों को राहत मिली हुई है।







