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23-09-2020
Breaking:  प्रदेश में 4772 कोरोना मरीज हुए स्वस्थ, बुधवार को मिले 2434 पॉजिटिव केस व 7 की मौत 

रायपुर। प्रदेश और विशेषकर राजधानी में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच बुधवार को राहत भरी जानकारी सामने आई है। आज 4196 मरीजों ने होम आइसोलेशन कम्पलीट किया है और 576 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। इस तरह कुल 4772 मरीज स्वस्थ हुए हैं। प्रदेश में 2434 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है। 7 मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने रात 10:45 बजे की स्थिति में मेडिकल बुलेटिन जारी की है। आज रायपुर जिले से 748 मरीजों की पहचान हुई है। इसी तरह दुर्ग  से 292, बस्तर से 187, राजनांदगां व से 162, दं तेवाड़ा से 118, धमतरी से 112, बालोद से 83, सुकमा से 70, सरगुजा से 60, बलरामपुर से 53, बिलासपुर से 52, रायगढ व बीजापुर से 51-51, बेमेतरा से 49, सूरजपुर से 48, महासमुंद से 47, कबीरधाम से 44, गरियाबंद से 42, जांजगीर-चांपा से 35, कांकेर से 28, मुंगेली से 26, नारायणपुर से 22, जशपुर से 17, कोण्डागांव से 16, कोरबा से 13, बलौदाबाजार व गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से  2-2, कोरिया से 1 व अन्य राज्य से 3 मरीज मिले है। प्रदेश में वर्तमान में 35850 एक्टिव केस हैं। 728 मरीजों की मौत हो चुकी है। मेडिकल बुलेटिन देखने क्लिक करें।  

 

  

23-09-2020
नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा, कांग्रेस, कोरोना और नक्सलवाद को लेकर चिंतित नहीं

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि कांग्रेस, कोरोना और नक्सलवाद को लेकर जरा भी चिंतित नहीं है। यदि चिंतित होती तो इस पर चर्चा जरूर करती लेकिन कहीं भी इस पर चर्चा न करके कांग्रेस प्रदेश को नकरात्मक राजनीति की ओर ही ले जाना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना का भयावह स्वरूप किसी से छिपा नहीं है। बस्तर में नक्सली घटनाओं ने सबको विचलित कर दिया है। लेकिन सबके बीच कांग्रेस केवल विरोध और प्रदर्शन की बात कह रही है। इस समय मौजूदा मुद्दों पर चर्चा करके उस पर कारगर रणनीति  बनाने की जरूरत है। इन सबसे बचकर विरोध की राजनीति कर रही है। इस समय विरोध के बजाय सार्थक कदम प्रदेश के हित मे उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खुद मुख्यमंत्री स्वीकार चुके हैं कि प्रदेश में कोरोना को लेकर स्थिति ठीक नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका का वर्तमान परिदृश्य में पता नहीं है। और प्रदेश की जनता भगवान भरोसे ही है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि नक्सली जन अदालत लगा कर आम लोग,पुलिस के जवान और वन परिक्षेत्र अधिकारी की हत्या करके भय फैला रहे हैं। इस मसले पर प्रदेश की सरकार कुछ भी बोलने से बचना चाहती है। जब हालत विषम है तब केवल प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में जुटे अमला का स्थानांतरण करने में  व्यस्त है और प्रदेश की जनता कोरोना से त्रस्त है। उन्होंने कहा कि केवल विरोध प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का भला नही होने वाला है। इस समय मौजूदा परिस्थतियों के आधार पर कांग्रेस को चर्चा और जनहित के कार्य करना चाहिये।

23-09-2020
रायपुर पुलिस ने निकाला कोरोना जनजागरुकता बाइक फ्लैग मार्च,तंग और सकरी गलियों में रहा फोकस

रायपुर। राजधानी में लॉक डाउन को पूर्णत: सफल बनाने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर रायपुर लखन पटले के नेतृत्व में बुधवार को 80 मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग पार्टी ने शहर में कोरोना जनजागरुकता बाइक फ्लैग मार्च  निकाला। जो शहर के भीतर तंग और सकरी गलियों में जाकर लाउड इनहेलर के माध्यम से कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए घर में रहने व कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए नियमित हाथ धोने फेस मास्क का उपयोग करने और सैनीटाइजर का उपयोग करने संबंधी जानकारी दिया गया। लॉक डाउन के दूसरे दिन शहर के सभी प्रवेश पाइंट और प्रमुख चौक चौराहों पर नाकेबंदी रही। इसमें लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन कर अनावश्यक घर से निकलने वाले वाहन चालकों को रोककर पूछताछ की जा रही है। बिना उचित कारण के अनावश्यक घूमते पाए जाने पर कार्रवाई की जा रही है। दूसरे दिन ऐसे 100 से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में चेकिंग पाइंट पर कार्रवाई की गई। साथ ही 47 लोगों  के विरुद्ध धारा 188 के तहत 33 प्रकरण दर्ज किया गया।  
पुलिस ने राजधानी के लोगों से अपील है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते ग्राफ की रोकथाम और चेन तोड़ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी की ओर से जारी लॉक डाउन को सफल बनाने अपना पूर्ण सहयोग दें। अनावश्यक घर से बाहर ना निकले। अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से निकले। पूर्ण गाइडलाइन का पालन करें। फेस मास्क का उपयोग करें। नियमित समय पर हाथों की सफाई करें। पूर्ण संक्रमण की रोकथाम के लिए रायपुर पुलिस का सहयोग करें।

 

23-09-2020
प्रदेश सरकार पीडीएस राशन आपूर्ति, टेस्टिंग और इलाज के पर्याप्त इंतजाम पर ध्यान दें : संजय 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में जारी लॉक डाउन की सफलता तय करने पर प्रदेश सरकार को ध्यान देने कहा है। श्रीवास्तव ने कहा है कि, प्रदेश सरकार यह देखें कि पीडीएस का राशन गरीब व जरुरतमंद परिवारों तक पहुंचा है कि नहीं? इसी प्रकार कोरोना की टेस्टिंग व इलाज के लिए मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के इंतजाम पर ध्यान दें। श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से प्रदेश कांग्रेस व विधायकों-सांसदों की बैठक रखने पर तंज कसा है। साथ ही कृषि बिल के खिलाफ आगामी 25 सितंबर को प्रदर्शन की अनुमति दिए जाने पर भी कड़ा ऐतराज जताया है।
उन्होंने कहा है कि, लॉक डाउन के कारण टेस्टिंग के लिए लोग घरों से निकल नहीं रहे हैं। इससे पॉजीटिव मरीजों का समय पर इलाज संभव नहीं हो पाएगा। क्या सरकार ऐसा करके कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों को कम दर्शाकर प्रदेश की आंखों में धूल झोंकने की एक नई कवायद कर रही है? प्रदेश सरकार ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के प्रति अन्यायपूर्ण कार्रवाई करके अपनी संवेदनहीनता का परिचय दिया है। आंदोलनरत इन स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रदेश सरकार वेतन के बजाय इस कोरोना काल में बर्खास्तगी का फरमान दे रही है। इस आंदोलन से कोरोना मामलों की जांच और उपचार की व्यवस्था चरमरा रही है। मुख्यमंत्री बघेल की ओर से बुधवार को प्रदेश कांग्रेस विधायकों-सांसदों की बैठक बुलाने पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री बघेल परिवार-दरबार को खुश करने और अपना नंबर बढ़ाने में मशगूल हैं, लेकिन कोरोना की भयावह स्थिति पर चर्चा करने के लिए वे बैठक नहीं बुला रहे हैं। इस बैठक से स्पष्ट है कि, प्रदेश सरकार केवल परिवार-दरबार के प्रति ही जवाबदेह है।

23-09-2020
धमतरी में मिले 113 कोरोना पॉजिटिव, 2 की मौत, 209 लोग स्वस्थ होकर लौटे घर

धमतरी। कोरोना संक्रमण से बचाव और सुरक्षा के लिए लागू कंटेनमेंट जोन घोषित होने के दूसरे दिन 23 सितंबर को धमतरी जिले में कोरोना का रिकॉर्ड टूट गया है। एक ही दिन में 113 मरीजों की पुष्टि हुई है और 2 लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य विभाग से जारी कोरोना बुलेटिन के अनुसार गुजरा में 43, कुरूद में 27, मगरलोड में 3, नगरी में 1 और धमतरी शहर में 39 मरीज मिले हैं। इस तरह धमतरी जिले में अब तक कोरोना मरीजों कुल संख्या 1812 और 27 संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। वही आज 209 संक्रमित मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। धमतरी कोविड-19 अस्पताल में 38 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.तुर्रे ने बताया कि आज शहर के दो लोगों की मौत हुई है, दोनों संक्रमित मरीजों में से एक को अन्य बीमारी भी थी एवं दूसरे मरीज अनकॉन्शियस था,अभी फिलहाल कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। दोनों ही संक्रमित मरीजों की डेथ ऑडिट के बाद ही कुछ कहा जाएगा। वही शहर से से आज 39 संक्रमित मरीज मिले हैं,जिसमें से रामबाग से 1, सोरीद से 3,मराठापारा से 2, विवेकानंद कॉलोनी से 1, सिहावा चौक से 2, गुजराती कॉलोनी से 3, बनियापारा से 2, जालमपुर से 1, अंबेडकर चौक से 2, हाउसिंग बोर्ड से 1, श्रद्धा नगर से 1,स्टेशन पर से 2, रिसाई पारा मंदिर के पास से 1, शीतलापारा वार्ड से 4, बनियापारा से 1, रामसागर पारा से 2, दानिटोला से 1, सोरम से 1, आमा तालाब से 1, गोकुलपुर वार्ड से 1,जीएडी कॉलोनी से 1, रत्नाबांधा से 1 वे धमतरी से 4 संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है।

धमतरी ग्रामीण
बीएमओ वंदना व्यास ने बताया कि आज 43 संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है। इसमें से रुद्री से 2, उसलापुर से 12, तुमकला से 1, सोरम से 1, कसावाही से 1, आमदी से 1, सीएचसी गुज्जर से 1, पीपरछेड़ी से 1,श्यामतराई से 6, दर्री करेंगा से 2, बेन्द्रनावगओ से 5, संबलपुर से 4 ,देमर अर्जुनी से 1, मोंगरागहं से 1, देमन से 1, टेलिंशत्ति से 1, रुद्री कॉलोनी से 1 व 1 अन्य जगह से संक्रमित मरीज मिले हैं।

कुरुद
बीएमओ यूएस नवरत्न ने बताया कि कुरुद से आज 27 संक्रमित मरीज मिले हैं। इसमें से कुरूद से 6,करगा से 1,पहुसेरा से 2 ,बालादही से 1,उमर्दा नवागांव से 6 व बाकी अन्य जगहों से संक्रमित मरीज मिले हैं।

 

23-09-2020
सिर्फ दंतेवाड़ा तक नहीं पूरे प्रदेश में पीडीएस घोटाला और हेरा फेरी चल रही : महेश गागड़ा 

रायपुर। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने प्रदेश सरकार के संरक्षण में पूरे प्रदेश में पीडीएस घोटाले और हेरा फेरी का आरोप लगाया हैं। उन्होंने कहा है कि, दंतेवाड़ा के कटेकल्याण और गुड़से से पीडीएस चावल की हेरा फेरी का मामला प्रदेश सरकार की कथनी और करनी के फर्क को उजागर करता है। एक तरफ यह सरकार आदिवासियों का हितैषी होने का ढोंग करती हैं और दूसरी ओर सरकार के नाक के नीचे खुलेआम आदिवासियों के पीडीएस चावल को हड़पने का खुला खेल चल रहा हैं। उन्होंने कहा कि, कोरोना संकट के समय में आदिवासी क्षेत्र से पीडीएस चावल की हेराफेरी अफरा-तफरी की घटना का सामने आना प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर न सिर्फ प्रश्न खड़ा करता हैं, अपितु कांग्रेस सरकार के जल जंगल जमीन की रखवाली के ढोल की पोल खोलता है। ऐसी असंवेदनशील सरकार में आदिवासियों का चावल हड़प लिया जाता हैं। यह कड़वी मगर भूपेश सरकार के कार्यपद्धति की सच्चाई हैं। 
उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार के पौने दो वर्ष के छोटे से कार्यकाल में पीडीएस चावल की हेरफेर और हड़प नीति का यह कोई पहला मामला नहीं हैं। इससे पूर्व भी जबसे कांग्रेस के हाथ में प्रदेश की बागडोर हैं। ऐसे पीडीएस चावल हड़पने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। दुर्भग्यपूर्ण हैं कि किसी भी मामले में यह सरकार गंभीर नहीं दिखी और न ही कोई कार्रवाई हुई। पूर्व मंत्री गागड़ा ने कहा कि कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब विपक्ष में थे तो पीडीएस के चावल के नाम पर खूब मगरमच्छ के आंसू बहाते थे। विपक्ष से सत्ता प्राप्ति करने तक भाजपा नेताओं पर झूठे और बेगुनियाद आरोप लगा राजनीतिक रोटी सेकते थे ।आज जब इनके सरकार में इन्हीं के नाक के नीचे आदिवासियों का चावल हड़पा जा रहा तब शायद सेकी हुई राजनीतिक रोटी मुंह में स्वाद दे रही होगी। इसलिए जुबां नहीं खोल रहे हैं। यह दुर्भग्यपूर्ण और निंदनीय हैं। गागड़ा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की हैं। प्रदेशभर में पीडीएस वितरण की समीक्षा कर गड़बड़ियों को दूर करने और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की हैं।

23-09-2020
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में नहीं होगी बिजली समस्या, विद्युत आपूर्ति के लिए बढ़ाई गई क्षमता

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर नवनिर्मित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सतत और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए त्वरित कार्रवाई की गई है। इसके तहत अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र, कोटमीकला में ट्रान्सफार्मर क्षमता में वृद्धि करते हुए क्षमता 40 एमव्हीए से बढाकर 60 एमव्हीए किया जा रहा है। इसके साथ ही साथ अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र मनेन्द्रगढ़ से मरवाही उपकेन्द्र तक 33 केव्ही लाईन स्थापित की गई है। इसके फलस्वरूप वर्तमान में इस जिले में अति उच्च दाब विद्युत उपकेन्द्र कोटमीकला एवं मनेन्द्रगढ़ से इस जिले में विद्युत प्रदाय की जा रही है।
नवनिर्मित जिला गौरेला- पेंड्रा-मरवाही में विद्युत की आपूर्ति अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र, कोटमीकला से की जाती है, जिसमें स्थापित ट्रान्सफार्मर की क्षमता 40 एमव्हीए है। विगत दिनों 20 एमव्हीए के एक ट्रान्सफार्मर में तकनीकी खराबी आने के कारण विद्युत प्रदाय के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति निर्मित हुई। 18 सितम्बर को ट्रान्सफार्मर की टेस्टिंग करने पर यह फेल पाया गया। विद्युत प्रदाय को सामान्य बनाने 132 केव्ही अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र मनेन्द्रगढ़ से मरवाही उपकेन्द्र तक 33 केव्ही लाईन में युद्धस्तर पर कार्य करते हुए जिले में 21 सितंबर को ही विद्युत आपूर्ति आरंभ कर दी गयी।
इस जिले में अति उच्च दाब विद्युत उपकेन्द्र कोटमीकला एवं मनेन्द्रगढ़ से वर्तमान में विद्युत प्रदाय हो रहा है। इसी दौरान खराब 20 एमव्हीए क्षमता के ट्रान्सफार्मर के स्थान पर अधिक क्षमता के 40 एमव्हीए का ट्रान्सफार्मर, जो कि रायपुर डोमा के लिये आ रहा था, उसे रास्ते से ही कोटमीकला के लिए भेज दिया गया, जो कि संभवतः एक-दो दिन में कोटमीकला पहुंच जायेगा। इस प्रकार 20 एमव्हीए क्षमता के ट्रान्सफार्मर खराब होने के बावजूद युद्ध स्तर पर कार्यवाही कर विद्युत आपूर्ति गौरेला- पेंड्रा-मरवाही जिला में विद्युत आपूर्ति को समय रहते बहाल कर दिया गया। विभाग द्वारा आने वाले कुछ दिनों में ही 40 एमव्हीए क्षमता का नया ट्रान्सफार्मर स्थापित कर दिया जायेगा जिससे गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला के लिए अति उच्चदाब उपकेन्द्र, कोटमीकला की क्षमता, जो कि वर्तमान में 40 एमव्हीए क्षमता की है, वह बढ़कर 60 एमव्हीए की हो जायेगी। साथ ही मनेन्द्रगढ़ से मरवाही क्षेत्र के लिए, जो विद्युत प्रदाय किया गया है उससे हमेशा के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था बन गई है। इस क्षेत्र के विद्युत आपूर्ति को गुणवत्तापूर्ण एवं सतत् बनाने के लिए क्षमता वृद्धि की इस व्यवस्था को एक उपलब्धि के रूप में भी देखा जा रहा है। अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र के विद्युत ट्रान्सफार्मर के खराब होने पर अकल्पनीय कठिनाई का सामना करने की स्थिति बन सकती थी, जिसे विभाग के तत्परतापूर्वक कार्यवाही से इस चुनौती को युद्ध स्तर पर कार्यवाही कर विद्युत आपूर्ति को सामान्य किया गया, जिससे क्षेत्र में संतोष है। नई व्यवस्था से विद्युत की उपलब्धता एवं सतत् आपूर्ति से क्षेत्र को लाभ भी मिलेगा।

23-09-2020
भूपेश बघेल ने केंद्रीय रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी के निधन पर शोक व्यक्त किया

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

23-09-2020
मुख्यमंत्री ने एकमुश्त बिल जारी नहीं करने दिए निर्देश,नारायणपुर के कार्यपालन और कनिष्ठ यंत्री हटाए गए

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को उपभोक्ताओं को संग्रहित विद्युत खपत पर एक मुश्त बिजली बिल जारी न करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस संबंध में राज्य के कुछ इलाकों विशेषकर वनांचल के गांवों में जहां मीटर रीडिंग न मिल पाने के कारण उपभोक्ताओं को संग्रहित खपत पर एक मुश्त बिजली बिल स्पॉट बिलिंग के जरिए जारी होने की शिकायत मिली थी। मुख्यमंत्री ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा  है कि, किसी भी उपभोक्ता को संग्रहित विद्युत खपत की बिलिंग न की जाए। विद्युत बिल जारी करते समय उपभोक्ता को अनिवार्य रूप से स्लैब छूट का लाभ और वास्तविक विद्युत देयक की राशि के भुगतान की सुविधा किश्तों में दी जाए। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नारायणपुर जिले के कुछ  ग्रामों जैसे ढोलगांव, बिजली पालकी, बकुलवाही सुलंगा, सगनीतराई केरलापाल, गुरिया, करलक, महका और देवगांव में मीटर रीडिंग स्पॉट बिलिंग के संबंध में शिकायत मिली थी। उक्त गांव में हुई स्पॉट बिलिंग की एकमुश्त राशि को देखकर ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई है। मुख्यमंत्री ने इस शिकायत के संबंध में विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों से जब जवाब तलब किया, तो पता चला कि उक्त गांव में पहली बार मीटर रीडिंग स्पॉट बिलिंग की गई । चूंकि स्पॉट बिलिंग में मौके पर ही बिल छप जाता है, जिसे देखकर यह स्थिति निर्मित हुई है। स्पॉट बिलिंग को संशोधित किए जाने की प्रक्रिया विभाग की ओर से की जा रही है। ग्रामीण उपभक्ताओं को स्लैब छूट का लाभ और किस्तों में बिल के भुगतान की सुविधा भी दी जाएगी । उक्त गांवों के ग्रामीणों को संशोधित बिल जारी किए जाएंगे। 

अधीक्षण अभियंता कांकेर ने स्पष्ट किया है कि, स्पॉट बिलिंग के दौरान छपे बिल को देखकर ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।  स्लैब छूट का लाभ ग्रामीणों को देते हुए संशोधित बिल जारी किए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता, कांकेर ने इस संबंध में एक उदाहरण देते हुए बताया कि, बकुलवाही गांव के रहने वाले कलदेव को लगभग 61 हजार का बिल बिना स्लैब के होता है, जो कि स्लैब छूट के बाद मात्र 62 रुपए में परिवर्तित हो गया है। अत: उपभोक्ताओं को किसी भी हालात में गलत बिल जारी नहीं होंगे। प्रबंधन के संज्ञान में आने के बाद तत्काल सभी बिलों को स्लैब छूट एवं किश्तों के भुगतान सुविधा के बाद ही बिल जारी किये जाने के निर्देश भी जारी हो गए हंै। इसके लिए उपभोक्ता को बिजली कार्यालय में आने की आवश्यकता भी नहीं है। बिलों में स्लैब छूट के बाद बिल जारी किए जाएंगे ।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर नारायणपुर जिले में मीटर रीडिंग स्पॉट बिलिंग के मामले की जांच में प्रबंधन के निर्देशों के पालन में लापरवाही बरतने का मामला सामने आने पर, वहां के कार्यपालन यंत्री और कनिष्ठ यंत्री को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उन्हें अंबिकापुर स्थानांतरित किए जाने का आदेश  जारी किया   गया है। नारायणपुर जिले में मीटर रीडिंग स्पॉट बिलिंग की शिकायत की जांच के लिए कार्यपालक निदेशक जगदलपुर 22 सितंबर को नारायणपुर पहुंचे थे। जांच पड़ताल के दौरान उन्होंने पाया कि, विद्युत बिल जारी करने के संबंध में प्रबंधन के निर्देशोंका पूर्णत: पालन नहीं किया गया, जिसके कारण ग्रामीण उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी। इस मामले में प्रथम दृष्टया कार्यपालन यंत्री और कनिष्ठ यंत्री को लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए उन्हें  अंबिकापुर स्थानांतरित कर दिया गया है ।                                                                                 

23-09-2020
छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार करने की अपराधी है भाजपा की केंद्र सरकार : शैलेश

रायपुर। केंद्रीय मंत्रियों से भाजपा सांसदों की ओर से की जा रही शिकवा, शिकायतों के दौर पर कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शैलेश ने आरोप लगाया है कि,मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं से लाभांवित हो रहे छत्तीसगढ़वासियों के खिलाफ भाजपा के सांसद षड्यंत्र कर रहे हैं। राजनैतिक फायदा उठाने की मानसिकता के कारण भाजपा के सांसद इतना गिर गए हैं कि, केंद्र सरकार से झूठी शिकायतें करके योजनाओं के लाभ से छत्तीसगढ़वासियों को वंचित करने की चाल चलना शुरू कर दिए हैं। शैलेश ने कहा है कि, विपदा के समय भी भाजपा सांसद केवल राज्य सरकार की शिकायत करने और मोदी के झूठे महिमा गायन में लगे हुए हैं। राजनीतिक स्वार्थ के कारण संवेदनहीन हो चुके भाजपा सांसद छत्तीसगढ़ के गरीबों, मजदूर,किसानों, गांववालों के दुखदर्द के प्रति संवेदनहीन बन चुके हैं।

एक ओर केंद्र सरकार के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार ने और संसद में कांग्रेस के सभी सांसदों ने छत्तीसगढ़ के हकों और हितों की बात को पुरजोर तरीके से उठाया है। भाजपा सांसद केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर झूठी शिकायत और चुगल खोरी करके राज्य में संचालित गिने-चुने केंद्रीय योजनाओं को भी बंद करवाने प्रयासरत रहे। कोरोना के संकट काल में लॉक डाउन होने के बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार ने देश में सबसे अच्छा काम किया। यह बात केंद्र सरकार के आंकड़ों से  प्रमाणित हुई है। भाजपा के सांसद अपनी ही केंद्र सरकार के आंकड़ों को झूठलाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार की झूठी शिकायत मनरेगा के मामले में करने लगे। इससे स्पष्ट है कि, छत्तीसगढ़ में यदि मजदूरों को मनरेगा में काम मिला तो यह भाजपा के सांसदों को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। भाजपाई सांसदों ने पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर छत्तीसगढ़ में कोरोना से लड़ाई को कमजोर करने झूठी शिकायत की, यही नहीं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों ने केंद्रीय योजनाओं में लापरवाही का झूठा आधारहीन आरोप प्रदेश सरकार पर लगाया गया।

 

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