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20-08-2019
संबलपुरी के ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शौचालय नहीं बनने की शिकायत

रायगढ़। जिले से लगे हुए गांव संबलपुरी के दर्जनों ग्रामीण आज गांव में शौचालय निर्माण पूर्ण नहीं होने की शिकायत लेकर जिला कलेक्टर के पास जनदर्शन में पहुंचे। कलेक्टर यशवंत कुमार को ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सैकड़ों लोग निवासरत हैं। सभी गरीब परिवार से हंै। सभी लोगों के लिए  शौचालय निर्माण के लिए गांव के सरपंच व सचिव को कई बार कहा है लेकिन सरपंच व सचिव की मिलीभगत से पूरे गांव में लगभग 10 से 15 शौचालय ही बनकर तैयार हो पाए है बाकियों का निर्माण या तो अधूरा है या शुरू ही नहीं हो पाया है। ऐसे में जब सरपंच का कार्यकाल समाप्ति की ओर है गांववासियों ने टॉयलेट निर्माण पूरा करने की गुहार कलेक्टर के पास लगाई है। कलेक्टर यशवंत कुमार ने गांववासियों को आश्वस्त किया है कि इस शिकायत की त्वरित जांच कराई जाएगी और जल्द ही गांव के प्रत्येक घर में शौचालय  निर्माण कराया जाएगा। और यदि शौचालय निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो सरपंच व सचिव के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

 

20-08-2019
तिरगें के सम्मान के लिए जगदलपुर के रहने वाले युवक ने पेश की मिसाल, पढ़े पूरी खबर...

जगदलपुर। स्वतंत्रता दिवस हो या फिर गणतंत्र दिवस, राष्ट्रीय पर्व को लोग धूमधाम से मनाते हैं। देश की आन बान और शान कहलाने वाले तिरंगे को लोग इस दिन बाजार से खरीदते हैं और इस पर्व के दिन सलामी देते हैं। मगर कई बार यह देखा गया है कि लोग इस राष्ट्रीय पर्व को मनाने के बाद तिरंगे को यहां वहां फेंक देते हैं। ये गाड़ियों या पैदल चलने वालों के पैर में आ जाते हैं। तिरंगा के सम्मान के लिए जगदलपुर के युवाओं ने एक टीम बनाई और इस टीम में 10 लोग शामिल हुए। 2015 में इसकी शुरुआत की गई। 15 अगस्त या 26 जनवरी के दिन राष्ट्रीय पर्व मनाने के बाद लोग तिरंगे को इधर-उधर फेंक दिया करते हैं। इसको लेकर तीन चार दिन की मेहनत करने के बाद यह टीम तिरंगे कोई इकठ्टा करके जगदलपुर नगर पुलिस अधीक्षक के पास जमा करते हैं। अब इस टीम में सिर्फ एक ही सदस्य बचा है, जो इस काम को कर रहा है। जगदलपुर के रहने वाले गीतेश सिंगारे इस काम को अब अकेले ही करते हैं। चार-पांच दिनों की मेहनत के बाद जितने भी तिरंगे इकट्ठे करते हैं। वह उन्हें नगर पुलिस अधीक्षक के यहां जमा कर देते हैं। यदि हर व्यक्ति इसी प्रकार की सोच रखें तो शायद देश की आन बान और शान कहलाने वाले तिरंगे को लोग इधर-उधर नहीं बल्कि अपने घरों में ले जाकर इसे सजाया करेंगे।

 

20-08-2019
कलेक्टोरेट में अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली सद्भावना दिवस की शपथ 

रायगढ़।  प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कलेक्ट्रोरेट परिसर रायगढ़ में 20 अगस्त को प्रात: 11 बजे सद्भावना दिवस मनाया गया। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कार्यालय  में सभी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जाति, सम्प्रदाय, क्षेत्र, धर्म अथवा भाषा का भेदभाव किए बिना सभी भारतवासियों की भावनात्मक एकता और कार्य के लिए कलेक्टर यशवंत कुमार ने शपथ दिलाई। बता दें कि जिला प्रशासन हर वर्ष सद्भावना दिवस पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित करता है।  जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच  की खाई को पाटने का काम प्रशासनिक अधिकारियों का होता है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होती है। सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से आम जनता को लाभ पहुंचाने का कार्य करती है। ऐसे में प्रत्येक कर्मचारी को अपने काम को पूरी निष्ठा व लगन के साथ करना होता है।

20-08-2019
सीएस की ने ली राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक

 

रायपुर। मुख्य सचिव सुनील कुजूर की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य सांख्यिकी सुदृढ़ीकरण योजनान्तर्गत राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कृषि, पशुधन, मत्स्य उत्पाद, लघु वनोपज, अक्षय ऊर्जा, परिवहन यातायात, खनिज आदि से संबंधित जानकारी के संकलन पर चर्चा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, सीके खेतान, केडीपी राव, प्रमुख सचिव रेणु पिल्ले, योजना एवं सांख्यिकी विभाग के विशेष सचिव आर. प्रसन्ना, विभाग के संचालक रजत कुमार सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

20-08-2019
राज्यपाल से मिला गांड़ा समाज का प्रतिनिधिमंडल, बताई अपनी समस्या

रायपुर। राज्यपाल अनुसुइया उइके से मंगलवार को राजभवन में जय बुढ़ी मां गांड़ा महासभा रायपुर के अध्यक्ष अभिमन्यु नायक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर कहा कि वे अनुसूचित जाति के अंतर्गत आते हैं किन्तु उन्हें अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र मिलने में समस्या आ रही है। राज्यपाल ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र न बन पाना गंभीर मामला है। वे जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर थी तो ऐसे मामलों पर उन्होंने कार्यवाही कर न्याय दिलाया था। राज्यपाल ने संबंधित प्रकरण पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि गांड़ा समाज लंबे समय से प्रदेश में निवासरत् है, परन्तु शासन से उनका जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। जाति प्रमाण पत्र के अभाव में समाज के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हो रहे हैं। इससे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। सरकारी नौकरी मिलने में परेशानी हो रही है। साथ ही व्यापार करने के लिए शासकीय ऋण प्राप्त करने में भी समस्या हो रही है। श्री नायक ने बताया कि जब समाज के तहसील कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो उन्हें विभिन्न प्रक्रियाओं का हवाला देकर प्रमाण पत्र बनाने से इनकार किया जाता है। इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को भी आवेदन दिया गया, लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। 

 

20-08-2019
सीएम भूपेश बघेल पहुंचे ग्राम दुगली, त्रिफला प्रसंस्करण केंद्र का किया शुभारंभ

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को धमतरी जिले के ग्राम दुगली में लघु वनोपज प्रसंस्कण एवं प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन कर यहाँ प्रसंस्करण कार्य कर रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से रूबरू होकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने यहां त्रिफला प्रसंस्करण केंद्र का शुभारम्भ भी किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया, पंचायत विभाग के मंत्री टीएस सिंहदेव, उद्योग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री लखमा कवासी, वन मंत्री मो. अकबर, राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, विधायक मोहन मरकाम, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष डॉ.लक्ष्मी ध्रुव, विधायक रंजना साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष रघुनंदन साहू सहित अपर मुख्य सचिव आरपी मंडल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी,कलेक्टर रजत बंसल भी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि धमतरी जिले के इस आदिवासियों बाहुल्य वन क्षेत्र में अनेक वनोपजों का उत्पादन होता है। राज्य शासन का प्रयास है कि इनके संग्रहण एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर यहाँ के नागरिकों की जीवकोपार्जन में वृद्धि की जाए। राज्य शासन द्वारा राज्य के वन क्षेत्र में संग्रहण के लिए अब 15 वनोपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। इसी तरह वन वनोपजों की संग्रहण क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न ग्रामो में संग्रहण केंद्रों की स्थापना की जा रही है। तेंदूपत्ता के संग्रहण दर को भी 2500 रुपये मानक बोरा से बढ़ा कर 4000 रुपये मानक बोरा किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यहाँ महिला समूहों द्वारा माहुल पत्ते से दोना निर्माण कार्य, शहद का संग्रहण कर इसकी प्रोसेसिंग, सतावर का संग्रहण कर प्रोसेसिंग कार्य का अवलोकन किया।

 

20-08-2019
राजभवन पहुंच ग्रामीणों ने बताई अपनी व्यथा, राज्यपाल ने पुलिस महानिदेशक को दिए कार्यवाही के निर्देश

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने मंगलवार को दुर्ग जिले के ग्राम सांकरा एवं सिरसाकला से आए ग्रामीणों की समस्याओं को पूरे धैर्य और गंभीरता से सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनके प्रकरणों की वस्तुस्थिति की जानकारी मंगाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। राज्यपाल ने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग विशेषकर आदिवासी महिलाओं के साथ मारपीट करना वाकई संवेदनशील मामला है। ऐसे विषयों पर अवश्य कार्यवाही की जाएगी और आवेदकों को न्याय दिलाया जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि यदि समाज के निचले तबके का कोई व्यक्ति पुलिस या अन्य अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं, तो उनकी बातों को संवेदनलशीलता से सुनकर उन पर समुचित कार्यवाही की जानी चाहिए। राज्यपाल ने इन प्रकरणों पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस महानिदेशक को दिए हैं।

प्रतिनिधिमंंडल ने बताया कि दुर्ग जिले के ग्राम-सांकरा निवासी आदिवासी खूबचंद ठाकुर के परिवार के साथ मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष जब थाने पहुंचे तो सामान्य धारा के तहत रिपोर्ट लिखी गई और अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज नहीं की गई तथा न्यायालय में गवाह को भी प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके कारण आरोपी पर कार्यवाही नहीं हुई। इसी तरह प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि ग्राम सिरसाकला की सावित्री ठाकुर और दिनेश ठाकुर के साथ मारपीट की गई, पर आज तक कार्यवाही नहीं हुई। इस संबंध में थाना प्रभारी सहित पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष आवेदकों ने अपना पक्ष रखा, उसके बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि उनके साथ जब कोई घटना होती है और वे उनकी शिकायत करने थाने पहुंचते हैं तो पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का व्यवहार उनके प्रति अनुकूल नहीं होता है। कई बार तो ऐसा भी हुआ कि आरोपी के बजाय पीड़ित के खिलाफ ही कार्यवाही कर दी गई।

 

20-08-2019
9 नर्सें एक साथ अस्पताल में हुई थीं प्रेग्नेंट,  बच्चों के साथ खिंचाईं तस्वीर 

न्यूयार्क। अमेरिका के मेन मेडिकल सेंटर की सभी 9 प्रेग्नेंट नर्सों की डिलीवरी हो चुकी है। पहले इन सभी की अस्पताल की फोटो वायरल हो रही थी। अब बच्चे हो जाने के बाद इन सभी न्यू बॉर्न की तस्वीर सोशल मीडिया पर छाई हुई है। ये सभी नर्सें हॉस्पिटल के डिलीवरी यूनिट की ही हैं। इन सभी 9 नर्सों की डिलीवरी अप्रैल से जुलाई के बीच हुई। डिलीवरी से पहले इस हॉस्पिटल ने अपने फेसबुक पेज पर ये गुड न्यूज शेयर कर सभी नर्सों के बेबी बम्प और डिलीवरी डेट दिखाए थे। इन नर्सेज की यही यूनिटी डिलीवरी रूम में भी दिखने वाली है। ये एक-दूसरे के सपोर्ट के लिए डिलीवरी रूम में भी साथ रहने वाली हैं। ये फोटो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रही है। हजारों लोग इस लाइक्स कर चुके हैं। साथ ही कमेंट बॉक्स में एक-दूसरे को बधाई भी दे रहे हैं। इन नर्सों में से किसी का ये पहला बेबी है तो किसी दूसरा और तीसरा। ये सभी और हॉस्पिटल सभी की डिलीवरी को लेकर काफी एक्साइटेड हैं।

20-08-2019
अब इस उद्योग में भी संकट, हो सकते हैं हजारों कर्मचारी बेरोजगार

नई दिल्ली। देश के कताई उद्योग तक मंदी की मार पहुंच गई है। कताई उद्योग अब तक के सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है। देश की करीब एक-तिहाई कताई उत्पादन क्षमता बंद हो चुकी है और जो मिलें चल रही हैं वह भी भारी घाटे का सामना कर रही हैं। अगर यह संकट दूर नहीं हुआ तो हजारों लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। नॉर्दर्न इंडिया टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के अनुसार राज्य और केंद्रीय जीएसटी और अन्य करों की वजह से भारतीय यार्न वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लायक नहीं रह गया है। अप्रैल से जून की तिमाही में कॉटन यार्न के निर्यात में साल-दर-साल 34.6 फीसदी की गिरावट आई है। जून में तो इसमें 50 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। अब कताई मिलें इस हालात में नहीं हैं कि भारतीय कपास खरीद सकें। यही हालत रही है तो अगले सीजन में बाजार में आने वाले करीब 80,000 करोड़ रुपए के 4 करोड़ गांठ कपास का कोई खरीदार नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है। यह एग्रीकल्चर के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सेक्टर है। ऐसे में बड़े पैमाने पर लोगों के बेरोजगार होने की आशंका है। इसलिए नॉर्दर्न इंडिया टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि तत्काल कोई कदम उठाकर नौकरियां जाने से बचाएं और इस इंडस्ट्री को गैर निष्पादित संपत्ति बनने से रोकें। यह उद्योग कर्ज पर ऊंची ब्याज दर, कच्चे माल की ऊंची लागत, कपड़ों और यार्न के सस्ते आयात जैसी कई समस्याओं से तबाह हो रहा है। भारतीय मिलों को ऊंचे कच्चे माल की वजह से प्रति किलो 20 से 25 रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा श्रीलंका, बांग्लादेश, इंडोनेशिया जैसे देशों के सस्ते कपड़ा आयात की दोहरी मार पड़ रही है।

20-08-2019
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भीड़ हिंसा और असहिष्णुता को बताया समाज के लिए खतरा

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भीड़ हिंसा, सांप्रदायिक धुव्रीकरण और देश में बढ़ते हिंसक अपराधों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से देश परेशान करने वाली विचारधारा का गवाह बन रहा है। बढ़ती असहिष्णुता, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, कुछ समूहों द्वारा फैलाई गई हिंसा के कारण बढ़ती हिंसक घटनाएं और भीड़ हिंसा हमारी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। राजीव गांधी की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि निहित स्वार्थ दोनों तरह के बाहरी और आंतरिक- उकसाना, सांप्रदायिक जुनून को बढ़ावा देना और हिंसा केवल भारत को विभाजित कर रहे हैं। मनमोहन सिंह ने कहा कि यह ट्रेंड शांति, राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव के विरुद्ध है जोकि हमारे संविधान के निहित उद्देश्यों को पोषित नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को यह प्रतिबिंबित करने की आवश्यकता है कि हम इन प्रवृत्तियों को दूर करने में कैसे योगदान दे सकते हैं। राजीव गांधी को याद करते हुए सिंह ने कहा कि हमारे राष्ट्र की एकता और अखंडता से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। भारत अविभाज्य है। धर्मनिरपेक्षता हमारे राष्ट्रवाद का आधार है। यह सहिष्णुता से कहीं अधिक है। सद्भाव के लिए सक्रिय प्रयास करने होंगे। कोई भी धर्म नफरत और असहिष्णुता का प्रचार नहीं करता है। देश में पिछले कुछ सालों से परेशान करने वाले ट्रेंड चल पड़े हैं। भीड़ अपने हाथों में कानून ले रही है जिससे कि हमारी राजनीतिक छवि खराब हो रही है।

 

20-08-2019
विधायक इंदू बंजारे ने अंध, मूकबधिर शाला के बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन

जांजगीर चांपा। पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक इंदु बंजारे ने अपना जन्मदिन अंध, मूकबधिर बच्चों के साथ मनाया। विधायक ने सबसे पहले पामगढ़ में डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक में डॉ. बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा में माल्यार्पण किया। इसके बाद पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  में सभी मरीजों को फल वितरण किया। विधायक इंदु बंजारे अंध, मूकबधिर शाला गईं और वहां  छात्र छात्राओं को फल वितरण किया। यहां बच्चों ने  स्वागत गीत व बधाई गीत गाकर इंदु बंजारे का अभिवादन किया।

20-08-2019
700 साल पुराना ग्लेशियर इस कारण हो गया खत्म, शोक में डूबे लोग

नई दिल्ली। आइसलैंड का 700 साल पुराना ओकजोकुल ग्लेशियर जलवायु परिवर्तन के कारण पिघलकर पूरी तरह खत्म हो गया है। वैज्ञानिकों का दावा किया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण खत्म होने वाला यह दुनिया का पहला ग्लेशियर है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगर हम जलवायु परिवर्तन को लेकर कुछ नहीं करेंगे तो इस क्षेत्र में स्थित अन्य ग्लेशियरों का भी यही हाल होगा। इस साल दुनियाभर में जुलाई का महीना सबसे गर्म रहा था। रविवार को ग्लेशियर की याद में आइसलैंड के लोगों ने शोक मनाया। सरकार ने उसके नाम की कांस्य की पट्टिका बनाकर स्थापित की। प्रधानमंत्री कैटरीन जोकोबस्दोतियर के साथ मंत्रियों ने ग्लेशियर को श्रद्धांजलि भी दी। पीएम ने शोक संदेश में कहा कि जो हुआ वह ठीक नहीं है। हमें एकजुट होकर जलवायु परिवर्तन को लेकर जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की आयुक्त मैरी रॉबनसन और स्थानीय लोग मौजूद रहें।  पट्टिका शिलालेख पर लिखा है कि यह भविष्य के लिए एक पत्र है और इसका उद्देश्य ग्लेशियरों की गिरावट और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के बारे में जागरुकता बढ़ाना है। पट्टिका में आगे लिखा है कि अगले 200 वर्षों में हमारे सभी ग्लेशियर इस तरह पिघल जाएंगे। यह स्मारक आपको याद दिलाएगा कि हम जानते हैं कि क्या हो रहा है और क्या करने की आवश्यकता है। दावा किया गया है कि मई में 415 पीपीएम की कार्बन डाई ऑक्साइड पर्यावरण में दर्ज की गई। साथ ही यह भी कहा गया है कि जल्द ही अगर कदम नहीं उठाए गए तो 400 ग्लेशियर इसी तरह खत्म हो सकते हैं। आइसलैंड में हर साल 11 अरब टन बर्फ पिघल रही है जो समुद्र का जलस्तर भी बढ़ा रही है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के बताया है कि गैसों का उत्सर्जन कम नहीं किया गया तो अगले 100 साल में दुनिया के आधे से अधिक ग्लेशियर पिघल जाएंगे। 

 

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