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14-04-2021
रमजान माह का आगाज, पहला रोजा रखकर की गई इबादत

धमतरी। कोरोना संकट के बीच मुस्लिम भाईयों ने खुदा की रजा के लिए रोजा रखा। उनका कहना है कि अल्लाह तआला अपने बंदों की आजमाईश करता है। जो सच्चा बंदा होगा, उसके इम्तेहान में कामयाब होगा। माहे रमजान में विशेष नमाजे तरावीह भी अदा की जा रही है। इस्लाम में रमजान की अपनी एक अहमियत है। मुसलमान भाई इस पवित्र महीने में अल्लाह तआला की इबादत में मशरूफ रहते हैं। मंगलवार को चांद की तस्दीक होने के बाद शहर की जामा मस्जिद समेत विभिन्न मस्जिदों में विशेष नमाजे तरावीह अदा की गई। अंजुमन इस्लामियां कमेटी के अनुसार जामा मस्जिद में मुफ्ती मोहम्मद जुबैर ने नमाजे तरावीह अदा कराई। रात 3 बजे के बाद सेहरी की गई। उल्लेखनीय है कि इस साल गर्मी में रमजान का महीना शुरू हुआ है। करीब 16 घंटे तक भूखे-प्यासे रहकर मुस्लिम भाई रोजा रख रहे हैं।

इसमें नन्हें-नन्हें बच्चे भी शामिल है। दस साल के बच्चे मोहम्मद नूर ने बताया कि अल्लाह की याद करते हुए मैंने रोजा रखा। भूख-प्यास जरूर लगी, लेकिन सब्र का दामन नहीं छोड़ा। रोजदार मोहम्मद अनीस, अख्तर रजा, गुलाम कादिर, अहमद कुरैशी, सिद्दीक सोलंकी ने कहा कि सच्ची नीयत से रोजा रखा जाए तो भूख और प्यास की शिद्दत महसूस नहीं होती। खुदा हर रोजादारों के साथ रहता है। रोजदार कामरान रजा, नजीर अहमद सिद़्दीकी ने बताया कि वे बचपन से ही रोजा रखते आ रहे हैं। इस फर्ज को अदा करने से उन्हें रूह को सुकून मिलता है। रोजदार सैय्यद हसन अली, बब्बू भाई, अजमल भाई, मो.दिलावर रोकडिय़ा ने बताया कि हर बालिग मोमिन पर इस्लाम में रोजा फर्ज किया गया है। खुदा का शुक्र है कि उसने रोजा रखने की हमें तौफिक दी। रोजदार मोहम्मद आजम रिजवी, जमाल रिजवी, नजीर अहमद सिद्दीकी, मोहम्मद एजाज का कहना है कि रोजा ईमान को और मजबूत करता है। इस महीने में खुदा की राह में की गई इबादत कबूल होती है।

 

14-04-2021
चंदूलाल चन्द्राकर कोविड केयर सेंटर में आईसीयू हो रहा तैयार,वेंटिलेटर की भी सुविधा

दुर्ग। कोविड की गंभीर आपदा से जूझते हुए दुर्ग जिले में इससे निपटने के लिए प्रशासन द्वारा असाधारण प्रयास किए गए हैं। केवल 15 दिनों के भीतर ही ऑक्सीजन बेड का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। अभी 725 ऑक्सीजन बेड जिले में शासकीय संस्थाओं में है इसके साथ  ही 36 वेंटिलेटर की सुविधा भी शासकीय अस्पतालों में है। चंदूलाल कोविड हॉस्पिटल में 25 बेड का आईसीयू तैयार किया जा रहा है। इसमें वेंटिलेटर बेड की सुविधा भी होगी। कोविड सस्पेक्टेड मरीजों के लिए भी 236 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाये गए हैं। इस तरह कोविड की बड़ी आपदा को देखते हुए प्रशासन ने इसके लिए बड़ा रिस्पांस भी किया है। ऑक्सीजन की स्थिति को देखते हुए 100 कंसंट्रेटर भी खरीदे गए हैं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की विशेषता होती है कि यह इनमें रिफिलिंग की जरूरत नहीं होती तथा सीधे यह वातावरण से ऑक्सीजन ले लेते है।

कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे हर दिन ऑक्सीजन बेड बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं और हर दिन लगभग 50 से 100 अतिरिक्त ऑक्सीजन बेड शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग लेकर उनके कोविड केयर संस्थान भी चल रहे हैं,जिनमें विभिन्न समाजों की भागीदारी है। अग्रसेन समाज और जैन समाज द्वारा 18 बेड वाले और 15 बेड ऑक्सीजन सुविधा वाले केंद्र आरंभ किए हैं। इस तरह से अन्य सामाजिक संस्थाएं भी आगे आई हैं। कलेक्टर ने बीते दिनों सामाजिक संस्थाओं की बैठक भी बुलाई थी और उनसे आग्रह किया था कि कोविड की गंभीर स्थिति को देखते हुए नागरिकों की मदद के लिए आगे आकर बड़े कार्य में सहभागिता निभाएं। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में अभी 160 बेड ऑक्सीजन युक्त हैं इनमें 100 बेड कोविड केयर के लिए तथा 60 बेड सस्पेक्टेड कोविड मरीजों के लिए रखे गए हैं। चंदूलाल हॉस्पिटल में 237 ऑक्सीजन बेड है शंकराचार्य अस्पताल में 76 ऑक्सीजन बेड है। सीएचसी झीठ में 20 ऑक्सीजन बेड है इसके अलावा आइसोलेशन बेड की सुविधा भी दी गई है इनमें प्रत्येक विकासखंड में 20 ऑक्सीजन बेड सस्पेक्टेड मरीजों के लिए सुविधा दी गई है। यह सुविधा कुम्हारी में भी आरंभ की गई है। कोविड  हास्पिटल के लिए पांच डाक्टरों की नई नियुक्ति के साथ ही डीएमएफ और एनएचएम के माध्यम से 70 स्टाफ नर्स, डीएमएफ के माध्यम से 46 स्टाफ नर्स तथा डीएमएफ के माध्यम से 60 वार्ड ब्वाय नियुक्त किये गए हैं। अभी विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित सात पदों के लिए साक्षात्कार भी लिये जा रहे हैं। साक्षात्कार में चयनित होते ही इन्हें डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में नियुक्त कर दिया जाएगा।

14-04-2021
कलेक्टर ने कोविड केयर सेंटर का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सुविधाएं व्यवस्थित कर तैयारी के निर्देश

कोरिया। कलेक्टर एसएन राठौर ने नगरपालिका परिषद शिवपुर-चरचा में स्थित एसईसीएल हॉस्पिटल में तैयार कोविड केअर सेंटर का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। बता दें कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गत वर्ष की भांति चरचा स्थित कोविड केअर सेंटर को पुनः शुरू किया जाएगा। 50 बेड की क्षमता वाले इस कोविड केअर सेंटर में आईसीयू इंटेंसिव केअर यूनिट तथा हाई डिपेंडेंसी यूनिट एचडीयू भी शामिल है। कलेक्टर राठौर ने अधिकारियों को बतौर अग्रिम तैयारी ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। कोरिया जिले में आज 235 कोरोना संक्रमित मरीज़ों की पहचान की गई है। अब तक 6153 लोगों ने कोरोना को मात दे दी है। कलेक्टर के निर्देश पर जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिदिन मेडिकल बुलेटिन जारी किया जा रहा है। इसके अनुसार आज कुल 30 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किये गये हैं। जिसमें से 11 मरीज कोविड हास्पिटल तथा 19 मरीज होम आइसोलेशन में थे। जिले में अब तक कुल 7662 कोरोना पाजीटिव मरीजों की पहचान की गई है। वहीं आज की स्थिति में कुल 1389 सैंपल कलेक्शन किया गया,जिसमें कुल 235 एक्टिव केस की पहचान की गई है, तथा जिले में 1252 एक्टिव केस का इलाज जारी है। इसमें 1177 मरीजों का होम आइसोलेशन में उपचार किया जा रहा है।

14-04-2021
बालाजी ट्रामा सेंटर में शुरू हुआ नया कोविड अस्पताल, पहले दिन 27 मरीज हुए भर्ती

कोरबा। जिले में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बालाजी ट्रामा सेंटर में नया कोविड अस्पताल शुरू हो गया है। इस अस्पताल में पहले ही दिन 27 कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। कलेक्टर किरण कौशल ने जिले में कोरोना के बढ़ते मरीजों को ध्यान में रखते हुए इस अस्पताल का शासकीय अधिग्रहण कर लिया है। अस्पताल को नए कोविड अस्पताल के रूप में केवल पांच दिनों में ही तैयार किया गया है और कोविड मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। नए कोविड अस्पताल के इंचार्ज डाॅ. प्रिंस जैन ने बताया कि बालाजी ट्रामा सेंटर चिकित्सालय को जिला प्रशासन द्वारा संपूर्ण संसाधनों के साथ कोविड मरीजों के इलाज के लिए अधिग्रहित किया गया है। वर्तमान में यह अस्पताल 67 बेड क्षमता के साथ शुरू किया गया है। इस अस्पताल की वर्तमान में आक्सीजन सुविधा युक्त 50 बिस्तर क्षमता है। इसमें से 30 बिस्तर आईसीयू और 20 बिस्तर सामान्य वार्ड में हैं। 17 बिना आक्सीजन युक्त सामान्य बिस्तर भी इस अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध हैं। डाॅ. प्रिंस जैन ने बताया कि अस्पताल में अभी एक वेंटिलेटर उपलब्ध है। गंभीर मरीजों के लिए सीटी स्कैन की सुविधा भी अस्पताल में मिलेगी। इंचार्ज डाॅक्टर ने बताया कि आज अस्पताल शुरू होने के पहले दिन ही 27 कोविड मरीजों को भर्ती कर ईलाज शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज निशुल्क होगा परंतु उन्हें खून या अन्य किसी भी जांच के लिए निर्धारित शुल्क अदा करना होगा।

14-04-2021
शव वाहन नहीं होने के कारण पंचायत कर्मचारी कोविड मरीजों की लाश कचरा वाहन में ले जाने में विवश

राजनांदगांव। जिले के डोंगरगांव के कोविड सेंटर में ऑक्सीजन की कमी के कारण 3 लोगों की मौत हो गई। वही डोंगरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक कोविड मरीज की मौत हुई। कल देर रात से आज सुबह तक कुल 4 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हुई। वहीं डोंगरगांव में शव वाहन नहीं होने के कारण मृतकों के शव को नगर पंचायत के कर्मचारी कचरा वाहन में ले जाने को विवश है।

 

14-04-2021
प्रदेश में चलेगी 40 और एम्बुलेंस, पहुंचविहीन क्षेत्रों में मिलेगी सुविधा 

रायपुर। मरीजों को अस्पताल लाने-ले जाने के लिए प्रदेश में 40 और एम्बुलेंस का संचालन किया जाएगा। राज्य के दुर्गम, अति दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में ये अतिरिक्त एम्बुलेंस संचालित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने शासन की ओर से  खरीदे गए 40 पुराने संचालन योग्य एम्बुलेंस की सेवाएं शुरू करने के लिए निर्देश दिया है। प्रदेश में अभी 108-संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा संचालित करने वाली संस्थाओं को निर्देशित किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक नीरज बंसोड़ ने प्रदेश में एम्बुलेंस सेवा का संचालन कर रहीं संयुक्त संस्थाओं के संचालक को पत्र लिखा है। उन्होंने इन एम्बुलेंस का संचालन तय करने कहा है। उन्होंने पत्र में बताया है कि एम्बुलेंस के संचालन के लिए संस्था को प्रति माह प्रति एम्बुलेंस 1 लाख 33 हजार 350 रुपए का भुगतान किया जाएगा। प्रदेश के दुर्गम, अति दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए इन्हें दूरस्थ अंचलों के जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से संबद्ध किया गया है।

14-04-2021
Video: मूलभूत समस्याओं की मांग पर 90 गांव के ग्रामीण हुए थे एकजुट, पुलिस की दखल के बाद रैली स्थगित

कांकेर। मूलभूत समस्याओं को लेकर फिर एकजुट हुए ग्रामीण व जनप्रतिनिधि सैंकड़ों की संख्या में आमाबेड़ा में एकत्रित हुए। जिले में 144 धारा लगने के कारण रैली रद्द करनी पड़ी। ग्रामीणों का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्तागढ़ जनपद उपाध्यक्ष भवनलाल जैन व आसपास के पंचायत प्रतिनधियों ने मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को 7 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसमें तेंदूपत्ता का उचित समर्थन मूल्य सैंकड़ा 500 रुपये करने, वनोपज का संग्रहण साल, महुआ, हर्रा का मूल्य बढ़ाने, जंगल को आग लगने से बचाने वन विभाग द्वारा उचित प्रबंध करने। तेंदूपत्ता क्रेताओं (फंड मुंशी, चेकर, लेबरों) की मानदेय बढ़ाये जाने। अन्तागढ़ से आमाबेड़ा व आमाबेड़ा से कांकेर पहुँच मार्ग को तत्काल बनाने। आमाबेड़ा में राष्ट्रीय कृत बैंक तत्काल खोलने व आमाबेड़ा में स्वास्थ्य सुधार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध करवाने जैसी मांगें रखी। अन्तागढ़ जनपद उपाध्यक्ष भवनलाल जैन ने बताया कि इस तरह की मांग हम सभी क्षेत्रवासियों द्वारा लगभग 4 बार कर चुके है किंतु आज पर्यंत तक हमारी मांगे नहीं हुई । यदि इस बार भी मांगे पूरी नहीं होती है तो आसपास के क्षेत्र के करीब 90 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण कलेक्ट्रेट का घेराव करने पैदल यात्रा करने बाध्य होंगे,जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।

 

14-04-2021
समुदाय और प्रशासन के प्रयासों से महासमुंद के दो गांव में थमा संक्रमण, केन्द्रीय टीम ने की सराहना

रायपुर। किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना यदि सामुदायिक रूप से किया जाए तो उसके परिणाम हमेशा सकारात्मक होता है। महासमुंद जिले के गा्रमीणों ने इसे साबित कर दिया है। महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड के दो गांव कुटेला और तोरेसिंहा में  ग्रामीणों के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर कंटेनमेंट जोन बनाया गया। इसके बाद इन गांवों की पंचायतों ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के कर्मचारियों की मदद से संक्रमितों को  चिकित्सा सुविधा सहित राशन सामग्री,दूध,सब्जी आदि पहुंचाई। ग्रामीणों की मदद से कंटेनमेंट जोन में सुंविधाएं उपलब्ध कराने और संक्रमण रोकने के प्रयासों की 12 अप्रैल को निरीक्षण करने आई केन्द्रीय टीम ने भी सराहना की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग शिक्षकों की ओर से तत्काल की गई। इसके कारण संक्रमण फैलने की संभावना कम हुई। दोनों ग्राम पंचायत में स्वेच्छा से लॉकडाउन किया गया। बेरीकेड लगाकर पूरे क्षेत्र को सैनेटाइज कराया गया।

ग्राम पंचायत की ओर से संक्रमित क्षेत्र में वन वे मार्ग बनाया गया। इसे केवल आवश्यक सामग्राी पहुंचाने के लिए उपयोग किया गया। संक्रमित व्यक्तियों की 24 घंटे देखभाल और निगरानी के लिए शिक्षक ,पुलिसबल ,सरपंच,सचिव ,कोटवार,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की ड्यूटी लगाई गई । इसके अलावा संक्रमित के मकान में अनुविभागीय अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी,तहसीलदार, थाना प्रभारी,सरपंच,सचिव का मोबाइल नंबर चस्पा किया गया। इससे किसी भी प्रकार की समस्या से तत्काल अवगत कराया जा सके। कंटोल रूम सरायपाली की ओर से संक्रमित व्यक्तियों के मोबाइल में संपर्क कर आवश्यक जानकारी भी ली जा रही है। इन सब प्रयासों से यहां संक्रमण रूका जिसकी केन्द्रीय टीम ने भी सराहना की।

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