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29-05-2020
  नव पदस्थ आयुक्त जयवर्धन ने किया पदभार ग्रहण, पूर्व आयुक्त राहुल देव हुए रिलीव

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा में नव पदस्थ हुए आयुक्त एस.जयवर्धन ने शु्क्रवार को साकेत भवन पहुंच कर पदभार ग्रहण किया। पूर्व आयुक्त राहुल देव ने उन्हें कार्यभार सौपा तथा निगम से रिलीव हुए।
राज्य शासन द्वारा नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त पद पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एस.जयवर्धन की पदस्थापना की गई है। निगम में आयुक्त रहे आईएएस अधिकारी राहुल देव को जिला पंचायत नारायणपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है। नव पदस्थ आयुक्त एस.जयवर्धन ने निगम के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत  भवन पहुंचकर पदभार ग्रहण किया। आयुक्त जयवर्धन ने कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात पूर्व आयुक्त राहुल देव एवं अपर आयुक्त अशोक शर्मा के साथ प्रशासनिक भवन साकेत स्थित विभिन्न कार्यालयों, शाखाओं का निरीक्षण किया तथा अधिकारी कर्मचारियों का परिचय प्राप्त करने के साथ-साथ कार्यालयों, शाखाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

29-05-2020
मजदूरों को वापस लाने के लिए 59 ट्रेनों की अनुमति,39 ट्रेनों के लिए रेल मंडलों को 3 करोड़ 74 लाख से अधिक भुगतान

रायपुर। नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लाॅक डाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों तथा अन्य लोगों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर वापस लाने का सिलसिला लगातार जारी है। बघेल के निर्देशन पर राज्य के बाहर फंसे श्रमिकों एवं अन्य लोगों को वापस लाने के लिए राज्य सरकारों से समन्वय कर अब तक 59 ट्रेनों के लिए सहमति प्रदान की गई है। श्रम मंत्री डाॅ.शिवकुमार डहरिया ने बताया कि भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा प्रवासी श्रमिकों को वापस छत्तीसगढ़ लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन के लिए विभिन्न रेल मंडलों को श्रमिकों के यात्रा व्यय के लिए आवश्यक राशि का भुगतान किया जा रहा है। वर्तमान में 50 हजार 797 यात्रियों को 39 ट्रेनों से वापस लाने के लिए 3 करोड़ 74 लाख 31 हजार 330 रूपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा स्पेशल श्रमिक ट्रेन से अन्य प्रदेशों में फंसे श्रमिकों को 53 ट्रेनों के माध्यम से लगभग 71 हजार 712 श्रमिकों को एवं 453 अन्य यात्रियों को वापस लाया जा चुका है।

डाॅ.डहरिया ने बताया कि लाॅक डाउन के कारण श्रमिकों को जो छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं पर पहुंच रहे है एवं राज्य से होकर गुजरने वाले सभी श्रमिकों के लिए नाश्ता, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था से श्रमिकों कोे काफी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ के सभी सीमाओं पर पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को, चाहे वो किसी भी राज्य के हो, उन्हें छत्तीसगढ़ का मेहमान मान कर शासन-प्रशासन के लोग उनकी हरसंभव मदद कर रहे है।  उन्होंने बताया कि श्रम विभाग के अधिकारियों का दल गठित कर विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं, नियोजकों एवं प्रबंधकों से समन्वय कर श्रमिकों के लिए राशन एवं नगद आदि की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रदेश के 26 हजार 205 श्रमिकों को 38 करोड़ 26 लाख रूपए बकाया वेतन का भुगतान भी कराया गया है। वहीं लाॅक डाउन के द्वितीय चरण में 21 अप्रैल से शासन द्वारा छूट प्रदत्त गतिविधियों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 1 लाख 4 हजार श्रमिकों को पुनः रोजगार उपलब्ध कराया गया है और छोटे-बड़े 1390 से अधिक कारखानों में पुनः कार्य प्रारंभ हो गया है।

29-05-2020
भूपेश बघेल, मंत्री और विधायकों ने सागौन बंगला पहुंच अजीत जोगी को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार देर शाम सागौन बंगला पहुंचे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अजीत जोगी की धर्मपत्नी रेणु जोगी और पुत्र अमित जोगी से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जोगी के जीवन को वे तीन हिस्सों में देखते हैं, जिसमें वे मेधावी छात्र, दक्ष प्रशासनिक अधिकारी और अच्छे राजनेता के रूप में नजर आते हैं।  विपरीत परिस्थिति में भी उन्होंने संघर्ष का दामन नहीं छोड़ा। लगातार समस्याओं से जूझने वाले बहुत ही जीवट और संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी थे। छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र अजीत जोगी के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री बघेल ने आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इसी तरह छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल के सदस्यों और विधायकों ने भी अजीत जोगी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

 

29-05-2020
भूपेश बघेल की पहल 2 लाख 31 हजार मजदूरों की प्रदेश में सकुशल वापसी, मनरेगा में 23 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लाॅकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के लगभग 2 लाख 31 हजार श्रमिकों की सकुशल वापसी हुई है। अन्य राज्यों से लौटे इन प्रवासी श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ कर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 23 लाख 3 हजार से अधिक मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। श्रम मंत्री डाॅ.शिव कुमार डहरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित छत्तीसगढ़ लाने का सिलसिला जारी है। 29 मई की स्थिति में राज्य शासन द्वारा श्रमिक स्पेशल ट्रेनों एवं अन्य वाहनों के माध्यम से 2.31 लाख से अधिक श्रमिक वापस छत्तीसगढ़ लौट चुके हैं। राज्य शासन द्वारा इन श्रमिकों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए 59 स्पेशल श्रमिक ट्रेनों पर सहमति प्रदान की गई है। डाॅ.डहरिया ने बताया कि देशव्यापी लाॅक डाउन के चलते अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों,छात्रों एवं चिकित्सा की आवश्यकता वाले लोगों की वापसी को लेकर राज्य सरकार द्वारा कई एहतियाती कदम उठाए गए। छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य लोगों की वापसी के लिए आनलाइन पंजीयन की व्यवस्था के तहत 2 लाख 96 हजार 587 से अधिक लोगों ने पंजीयन करवाया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर अन्य जिलों में फंसे 14 हजार 335 श्रमिकों को सकुशल उनके गृह जिला भिजवाया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ में फंसे अन्य राज्यों के 28 हजार 450 श्रमिक वापस अपने गृह राज्य जा चुके हैं।


श्रम मंत्री डाॅ.डहरिया ने बताया कि लाॅक डाउन के दौरान अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के 17 हजार 677 श्रमिकों को भोजन,राशन,चिकित्सा आदि की व्यवस्था व तत्कालिक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से उनके खातों में 66 लाख 73 हजार रूपए की राशि का सीधे अंतरित की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य के नोडल अधिकारी एवं श्रम सचिव सोनमणी बोरा एवं अन्य अधिकारियों द्वारा संबंधित राज्यों के अधिकारियों एवं नियोक्ताओं से लगातार सम्पर्क कर श्रमिकों की समस्याओं का निदान एवं छत्तीसगढ़ की श्रमिकों की सकुशल वापसी की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 23 लाख 3 हजार से अधिक मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। राज्य कर्मचारी बीमा सेवाएं (ईएसआई) के द्वारा संचालित 42 क्लीनिकों के माध्यम से 71 हजार 44 श्रमिकों को निःशुल्क इलाज एवं दवाएं उपलब्ध कराई गई है। प्रवासी श्रमिकों एवं नागरिकों की मदद के लिए राज्य स्तर पर 24 घंटे हेल्प लाइन सेंटर संचालित है। हेल्प लाइन नंबर 0771-2443809, 91098-49992, 75878-22800, 75878-21800, 96858-50444, 91092-83986 एवं 88277-73986 है।

 

29-05-2020
छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोना के 100 मरीज स्वस्थ होकर पहुंचे घर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोना-19 पीड़ित 100 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं। शुक्रवार को  एम्स रायपुर,माना और बिलासपुर कोविड अस्पताल में इलाजरत कोविड-19 के 17 मरीजों को ठीक हो जाने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। आज डिस्चार्ज हुए मरीजों को मिलाकर अब तक प्रदेश में कोविड-19 पीड़ित कुल 100 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। एम्स में भर्ती कबीरधाम जिले के 5, गरियाबंद के 3 और बलौदाबाजार-भाटापारा के 2 मरीजों को आज डिस्चार्ज किया गया। माना कोविड अस्पताल में इलाज करा रहे जांजगीर-चांपा जिले के पांच और बिलासपुर कोविड अस्पताल में भर्ती बिलासपुर जिले के 2 मरीजों को भी आज डिस्चार्ज किया गया। प्रदेश में अभी कोरोना वायरस संक्रमितों का एम्स, कोविड अस्पताल माना और बिलासपुर,अंबिकापुर, रायगढ़, राजनांदगांव व जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है। इन सभी अस्पतालों के कुशल डॉक्टरों की टीम से इलाज और नर्सों व अन्य मेडिकल स्टॉफ की गहन देखभाल से 100 मरीजों को पूर्णत: स्वस्थ करने में सफलता मिली है। इन अस्पतालों में इलाज के बाद बिलासपुर संभाग के 42, दुर्ग संभाग के 33, रायपुर संभाग के 17 और सरगुजा संभाग के 8 मरीज ठीक हो चुके हैं।

29-05-2020
धमतरी में मुंबई से लौटा युवक निकला कोरोना पॉजिटिव, तीसरा मामला आया सामने

धमतरी। धमतरी जिले में कोरोना ने तीसरी दस्तक दे दी है। शुक्रवार की देर शाम एक युवक के पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आई है, जो कि हाल ही में मुम्बई से आया है। बताया गया है कि युवक बेलरगांव का रहने वाला है,जो कुकरेल के क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था। इस संबंध में पुष्टि करते हुये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.तुर्रे ने बताया कि एम्स से आई रिपोर्ट में एक युवक पॉजिटिव है,जो कि नगरी विकासखंड क्षेत्र का है,जो हाल ही में मुंबई से लौटा था। वापसी के बाद से उसे क्वारेंटाइन में रखा गया था,जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उसे रायपुर भेजने की तैयारी की जा रही है। इधर कोरोना का जिले में तीसरा मामला मिलने से हड़कंप मच गया है।

29-05-2020
शीतल की कहानी पढ़कर स्कूल शिक्षा मंत्री ने फोन पर की बात

रायपुर। स्कूली बच्चों में मौलिक लेखन और सृजनात्मक क्षमता के विकास के लिए नई पहल की जा रही है। लॉक डाउन के दौरान स्कूली बच्चों की नियमित पढ़ाई के लिए शुरू किए गए ऑनलाइन पोर्टल ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ में एक नया स्तंभ शुरू किया गया है। हमारे नायक नाम से शुरू किए गए स्तंभ प्रतिदिन स्कूली बच्चों की स्व-रचित मौलिक कहानियों का प्रकाशन किया जा रहा है। इससे बच्चों में जहां सृजनात्मक क्षमता को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं वे दिन-प्रतिदिन इस वेबसाईट से जुड़कर नयी-नयी चीजें सीख रहे हैं।स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम भी इस पोर्टल के द्वारा दी जा रही ऑनलाइन शिक्षा की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने पोर्टल पर जाकर शीतल राजपूत की कहानी पढ़ी और छात्रा से दूरभाष पर चर्चा की। अचानक मंत्री द्वारा फोन पर सीधे बात करने की जानकारी मिलने पर वह बहुत खुश हुई। गरियाबंद जिले में कक्षा 12वीं पढ़ने वाली इस छात्रा ने मंत्री टेकाम को अपनी पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी दी। छात्रा ने पढ़ाई के टाइम-टेबल के बारे में बताया और चर्चा के दौरान डॉक्टर बनने की इच्छा जताई। डॉ. टेकाम ने कहा कि वेबसाइट के जरिए उच्च स्तरीय शैक्षणिक सामग्री और वीडियो लेक्चर शिक्षकों के द्वारा तैयार कर दिए जा रहे हैं। उन्होंने इसका मन लगाकर नियमित रूप से अध्ययन करने की समझाइश दी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि पढ़ाई में लगन के साथ-साथ पूरा ध्यान रखने पर सफलता मिलती है। उन्होंने छात्रा को खूब मेहनत करने के लिए अपना आशीष दिया। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई के लिए शुरू किए गए इस पोर्टल की लोकप्रियता लगातार बढ़ते जा रही है। लगभग 20 लाख से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक जुड़ चुके हैं। इस पोर्टल में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्तरीय शैक्षणिक सामग्री और वीडियो लेक्चर अपलोड किए गए हैं।

 

29-05-2020
डिजिटल शिक्षण सामग्री को अंतिम रूप देंगे डाइट प्राचार्य

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित “पढ़ई तुंहर दुआर” कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन क्लास के लिए सीजीस्कूलडॉटइन (cgschool.in) पोर्टल के लिए प्रदेश के बहुत से शिक्षक डिजिटल सामग्री का निर्माण कर रहे हैं। डिजिटल सामग्री की त्रुटिरहित उपलब्धता व विवादित तथ्यों से रहित गुणवत्तायुक्त सामग्री की जांच के लिए डाइट के प्राचार्यो को कक्षा समन्वयक और अंतिम स्वीकृतकर्ता बनाया गया है। इस कार्य में डाइट का अकादमिक स्टाफ सहयोग करेगा। ज्ञातव्य है कि राज्य के 380 चिन्हांकित और इच्छुक शिक्षकों को प्रथम स्वीकृतकर्ता (फर्स्ट अप्रुवर्स) बनाया गया है। इस कार्य के लिए प्रति मंगलवार और गुरुवार को ऑनलाइन समीक्षा की जाती है।डाइट के प्राचार्यो को कक्षा समन्वयक के रूप में वेबसाइट में अच्छी क्वालिटी के सामग्री को अपलोड करने और स्वीकृत करने के लिए अपने अकादमिक सदस्यों को प्रेरित करते हुए उचित मार्गदर्शन प्रदान करना है। साथ ही सामग्री को अपलोड करने और अप्रूव करने के लिए समय-सीमा का ध्यान रखकर कार्य को पूरा कराना है। प्रदेश में 16 डाइट प्राचार्यो को यह दायित्व सौंपा गया है। जिला डाइट बेमेतरा से प्राचार्य एस.के.प्रसाद, बिलासपुर से  अलका शुक्ला, धरमजयगढ़ से कामिनी पुरी, कोरिया से योगेश शुक्ला, कोरबा से एचएस लकरा, महासमुंद से मीना पाणिग्रही,डोंगरगाव से रामावतार साहू, बस्तर से सुषमा झा, दंतेवाडा से  केके उदेश, अंबिकापुर से एपी लकरा, पेंड्रा से जेपी पुष्प, जांजगीर से सविता राजपूत, जशपुर से बी. बक्सला,  नारायणपुर से जीआर मंडावी, खैरागढ़ से एसएच पंडा, कॉलेज ऑफ एजुकेशन से निशि बभरी को कक्षा समन्वयक व अकादमिक सदस्यों को अंतिम स्वीकृतकर्ता का दायित्व सौंपा गया है। अंतिम स्वीकृतकर्ता का दायित्व होगा कि डिजिटल सामग्री विषयवस्तु से सम्बंधित होना चाहिए और यह शिक्षकों के द्वारा स्व-निर्मित एवं मौलिक होना चाहिए। डिजिटल सामग्री रोचक, आकर्षक और भाषायी त्रुटिरहित होना चाहिए। साथ ही अंतिम स्वीकृतकर्ता को ध्यान रखना होगा कि जो डिजिटल सामग्री उनके पास अप्रूवल के लिए आया है वह धर्म, जाति, वर्ग, लिंग आदि की दृष्टी से विवादित नहीं होना चाहिए।

 

29-05-2020
दुर्ग साईंस काॅलेज नेे दूसरी बार मुख्यमंत्री राहत कोष में दी सहयोग राशि

दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के प्राचार्य, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने मिलकर मुख्यमंत्री कोरोना राहत कोष में 4 लाख 41 हजार रूपये जमा कराई हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. आरएन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की अपील पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने मई माह के वेतन से एक दिन के वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने की सह लिखित स्वीकृति प्रदान की। डाॅ.सिंह के अनुसार इससे पूर्व भी माह मार्च में साइंस कालेज, दुर्ग के प्राध्यापकों व कर्मचारियों ने मिलकर एक दिन का वेतन पांच लाख रूपये लगभग मुख्यमंत्री कोरोना राहत कोष में जमा कराया था। डाॅ.सिंह ने अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य के रूप में समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों, प्राध्यापकों व कर्मचारियों से आग्रह किया कि कोरोना संक्रमण के कारण संकट की इस घड़ी में अपनी स्वेच्छा से मुख्यमंत्री राहत कोष में अवश्य अंशदान करें। समाज के हित में हमारी यह छोटी सी आहुति महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। डाॅ.सिंह ने बताया कि लाॅकडाउन की अवधि में विद्यार्थियों के हित में साइंस कालेज, दुर्ग के प्राध्यापकों ने लगभग 450 वीडियो लेक्चर, पीडीएफ फार्मेंट में नोट्स तैयार कर साइंस कालेज, दुर्ग की अधिकृत वेबसाइट पर अपलोड किये हैं। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए लाभकारी बताया है। इसी महाविद्यालय की एनएसएस इकाई तथा जागरूक छात्र-छात्राओं ने भीषण गर्मी में पंक्षियों के लिए महाविद्यालय परिसर में अनेक स्थानों पर शीतल जल की व्यवस्था की है। इसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ प्राध्यापक एवं कर्मचारी भी सहयोग कर रहे हैं। प्राचार्य डाॅ. सिंह ने महाविद्यालय की एक और सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि भौतिक शास्त्र विभाग की एमएससी द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा कु. मुक्ति वर्मा का चयन टाटा इंस्ट्यिूट आफ फंडामेंटल रिसर्च मुंबई द्वारा भौतिक में विज्ञान विदुषी कार्यक्रम 2020 के लिए हुआ है। छत्तीसगढ़ से एकमात्र इसी छात्रा का चयन हुआ है। क्वांटम मेकेनिक्स तथा सांख्यिकीय भौतिकी पर आधारित यह आनलाइन कार्यक्रम विद्यार्थियों का चयन बड़ा महत्वपूर्ण एवं सम्मानजनक माना जाता है।

 

29-05-2020
प्रदेश में आज 16 पॉजिटिव मरीज मिले और 17 हुए डिस्चार्ज,रायपुर में एक की मौत,स्वास्थ्य विभाग ने की पुष्टि

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को 17 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं, वहीं 16 नए केस सामने आए हैं। रायपुर में मिले एक कोरोना पॉजिटिव की मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती इस मरीज की मौत के बाद रिपोर्ट सामने आई,जिसमें इसे पॉजिटिव बताया गया। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर इन मामलों की पुष्टि की है। बताया गया कि आज 17 मरीज जिसमें रायपुर एम्स से कबीरधाम के 5, बलौदाबाजार के 2, गरियाबंद के 3, कोविड अस्पताल माना रायपुर से जांजगीर चांपा के 5, कोविड अस्पताल बिलासपुर से बिलासपुर के ही 2 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए हैं। शुक्रवार को प्रदेश में 16 नए पॉजिटिव की पहचान हुई है,जिसमें कबीरधाम से 6, बिलासपुर रायपुर से 2-2 और दुर्ग, महासमुंद, बलरामपुर, धमतरी, कोरबा, जगदलपुर से 1-1 मरीज मिले हैं। सभी की भर्ती प्रक्रिया जारी है।

 

29-05-2020
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर ताम्रध्वज साहू ने जताया शोक

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने उन्हें नमन करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। गृहमंत्री साहू ने कहा है कि स्व.जोगी का छत्तीसगढ़ से बहुत स्नेह था। वे प्रतिभा के धनी थे,ऐसे विरले लोग ही होते हैं। स्व.जोगी इंजीनियर, आईपीएस, आईएएस थे। वे अविभाजित मध्यप्रदेश के कई जिलों के कलेक्टर रहे। वे सांसद,विधायक सहित अनेक राजनीति पदों पर रहकर जनता की सेवा की है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है।

 

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