बिना पुनर्वास कार्रवाई मंजूर नहीं, भोपाल चैंबर ने निगम के फैसले का किया विरोध

राजधानी भोपाल में नगर निगम द्वारा व्यापारियों को जारी किए जा रहे नोटिस के खिलाफ भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने विरोध जताया है। चैंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए वर्षों पुरानी दुकानों पर कार्रवाई करना हजारों परिवारों की आजीविका पर असर डालेगा। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम ने करीब 30 हजार व्यापारियों को 10 दिन के भीतर दुकानें बंद करने के नोटिस दिए हैं। गोविंद गोयल ने सवाल उठाया कि जब व्यापारियों के पास नगर निगम का लाइसेंस, जीएसटी रजिस्ट्रेशन और गुमास्ता जैसे वैध दस्तावेज मौजूद हैं, तो उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों की जा रही है। चैंबर ने मांग की है कि नए मास्टर प्लान के लागू होने तक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि पुराने व्यापार को कानूनी मान्यता मिल सके। इस मामले को लेकर चैंबर प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से भी मुलाकात कर ज्ञापन सौंप चुका है। मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लेते हुए समाधान का आश्वासन दिया है।






