विकास की मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन, कोयलीबेड़ा में 7वें दिन भी धरना जारी

कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा में 18 पंचायतों के 68 गांवों के लोग पिछले 7 दिनों से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। मांगें पूरी न होने से नाराज ग्रामीणों ने अंतागढ़ में चक्काजाम कर दिया, जिसके कारण भानुप्रतापपुर–नारायणपुर मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों में स्थानीय सांसद और विधायक के प्रति भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में जिला सहकारी बैंक की स्थापना, ब्लॉक मुख्यालय को पखांजूर से कोयलीबेड़ा वापस लाना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टर की नियुक्ति, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय की स्थापना, DMF राशि का शत-प्रतिशत स्थानीय क्षेत्र में उपयोग, जर्जर स्कूल एवं आश्रमों की मरम्मत, कॉलेज की स्थापना, खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, अंतागढ़–कोयलीबेड़ा सड़क का डामरीकरण तथा राजस्व प्रकरणों के सरलीकरण के लिए तहसील को अंतागढ़ अनुभाग से जोड़ने जैसी मांगें शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर बालोद जिले में पाटेश्वर धाम से जुड़े मुद्दों को लेकर आदिवासी समाज के हजारों लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया, जहां प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर परिसर में प्रवेश कर धरने पर बैठ गए और वहीं भोजन भी तैयार किया। समाज का आरोप है कि पाटेश्वर धाम के बालक दास के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई है तथा 12 एकड़ से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसे तत्काल हटाने की मांग की जा रही है।






