जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला, हर जिले में बनेगा हेल्थ रिपोर्ट कार्ड

भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद प्रशासन और राज्य सरकार ने जल स्रोतों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब इंदौर समेत पूरे प्रदेश में सभी बोरिंग, कुएं, तालाब और भूजल स्रोतों का हेल्थ रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। जल स्रोतों की निगरानी को मजबूत करने के लिए प्रदूषित स्रोतों की जियो-टैगिंग कर ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही नदियों, तालाबों और भूजल स्रोतों को अतिक्रमण, कचरा डंपिंग और औद्योगिक प्रदूषण से बचाने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमें नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगी। भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद उठे सवालों के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि पानी की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, घटना के कई महीने बाद भी जिम्मेदारी तय नहीं होने को लेकर सवाल बने हुए हैं और मामले से जुड़ी जनहित याचिकाएं अभी भी अदालत में लंबित हैं।






