स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर छत्तीसगढ़ में खाली पदों और भर्ती ठप होने पर बड़ा सवाल
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने मुख्य सचिव को 16 पन्नों का पत्र लिखकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों व शैक्षणिक स्टाफ की भारी कमी को तत्काल नियमित भर्ती के जरिए भरने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में आधे से अधिक पद खाली पड़े हैं, जिससे पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था लड़खड़ा गई है और मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की व्यवस्था “वेंटिलेटर” पर बताई जा रही है। वहीं हर साल बड़ी संख्या में एमबीबीएस डॉक्टर निकलने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से ठप है, जिससे योग्य डॉक्टरों का पलायन भी बढ़ रहा है। इंटर्नशिप और बांड सेवा में मिलने वाले कम मानदेय को भी इस स्थिति का एक बड़ा कारण बताया गया है। विशेषज्ञों की कमी के चलते राज्य में किडनी, लीवर और हार्ट ट्रांसप्लांट जैसी उच्च स्तरीय सर्जरी अब तक सरकारी स्तर पर शुरू नहीं हो पाई है, जिससे गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है।






