दंतेवाड़ा में डीजल नहीं मिलने से लौह अयस्क से भरी 1600 ट्रक रवाना नहीं हुई

दंतेवाड़ा। जिले में स्थित देश की प्रमुख लौह अयस्क परियोजना एनएमडीसी बैलाडीला में डीजल की किल्लत से परिवहन व्यवस्था लगभग ठप पड़ गई है। किरंदुल और बचेली क्षेत्र में लगभग 1600 ट्रक पिछले दो दिनों से खड़े हैं, और लौह अयस्क की ढुलाई पूरी तरह प्रभावित है। किरंदुल और बचेली खदानों में ट्रकों में लौह अयस्क की लोडिंग तो हो रही है, लेकिन डीजल नहीं मिलने के कारण वाहन रवाना नहीं हो पा रहे हैं। रोजाना यहां से रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और विशाखापट्टनम के लिए सैकड़ों ट्रक निकलते हैं, जो अब पंपों पर खड़े हैं।
दंतेवाड़ा जिले के 19 पेट्रोल पंपों में से केवल कुछ पर ही सीमित मात्रा में डीजल उपलब्ध है। ईंधन भरवाने के लिए ट्रकों, ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं। घंटों इंतजार के बाद भी कई बार खाली लौटना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि अगर जल्द डीजल आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो एनएमडीसी और बैलाडीला ट्रक ऑनर्स परिवहन संघ को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। एक ट्रांसपोर्टर ने बताया कि दो दिनों से ट्रक खड़े हैं। डीजल नहीं मिलने से पूरा परिवहन प्रभावित है। हालात जल्द नहीं सुधरे तो बड़ा नुकसान तय है।
डीजल संकट से सिर्फ उद्योग ही नहीं, खेती भी प्रभावित हो रही है। किसान ट्रैक्टर लेकर पंपों के चक्कर काट रहे हैं। खरीफ सीजन में डीजल नहीं मिलने से जुताई-बुआई का काम रुक गया है। किसानों का कहना है कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा। प्रशासन के प्रयास जारी हैं लेकिन हालात गंभीर फिलहाल प्रशासन स्थिति सामान्य करने के प्रयास कर रहा है।







