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सभापति सुधीर गोलछा की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने की ख़ारिज, महिला अफसर से अश्लीलता का आरोप

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खैरागढ़। जनपद सभापति सुधीर गोलछा पर महिला अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला अधिकारी का आरोप है कि जनपद सभापति लंबे समय सेउसके साथ अश्लील बातें कर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता था और मना करने पर धमकी भी देता था। इसकी शिकायत पुलिस से की गई थी। एफआईआर होने के बाद से आरोपी फरार बताया जा रहा है। अब उसकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है।

पीड़िता के मुताबिक, आरोपी अक्सर ऑफिस पहुंचकर अकेले में बात करने का दबाव बनाता था। प्रशासनिक चर्चा के बहाने कर्मचारियों को बाहर भेजने की कोशिश करता और निजी जीवन को लेकर अभद्र टिप्पणियां करता था। आरोपी पूर्व सीईओ जैसा हाल करने की धमकी देता था। इससे अधिकारी डर गई थी।
महिला अधिकारी ने बताया कि आरोपी लगातार मोबाइल पर कॉल करता था, गंदी बातें करता था और मिलने का दबाव बनाता था। जब उन्होंने नंबर ब्लॉक किया तो आरोपी ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। उन्हें डराने धमकाने की कोशिश करता था। काफी समय तक लोकलाज और बदनामी के डर से चुप रहने के बाद महिला अधिकारी ने छुईखदान थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(1), 78 और 79 के तहत मामला दर्ज किया है।
इस पूरे मामले ने भाजपा के महिला सम्मान और “बेटी बचाओ” जैसे नारों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि जब महिला अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा का दावा कितना मजबूत है। जिले में यह मामला अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है।

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