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3.42 लाख आवासों/मकानों में से 2.21 लाख लोगों को मिल रहा शुद्ध पेयजल – साव

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रायपुर। अमृत मिशन एवं जल जीवन मिशन के तहत रायपुर नगर निगम में जल आपूर्ति का मामला प्रश्नकाल के दौरान सत्तापक्ष के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने उठाया। जिस पर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरूण साव ने सदन को बताया कि 3.42 लाख आवासों/मकानों में से कुल 2.21 लाख आवासों/मकानों को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है और जल जीवन मिशन के तहत नगर पालिक निगम, रायपुर में कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं है।
ंचंद्राकर द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में साव ने बताया कि नगर पालिक निगम, रायपुर अंतर्गत अमृत मिशन योजना वर्ष 2016 में प्रारंभ तथा वर्ष 2025 में पूर्ण हुई। योजना के जल प्रदाय घटक के कार्यों को पूर्ण करने में कुल 42737.23 लाख रूपये की लागत आई है। इस योजना के तहत 20 वार्ड में निवासरत जनसंख्या को पूर्ण रूप से तथा 25 वार्ड में निवासरत जनसंख्या को आंशिक रूप से पेयजल उपलब्ध हुआ है। जल जीवन मिशन के तहत नगर पालिक निगम, रायपुर में कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं है।
उपमुख्यमंत्री साव ने सदन को बताया कि नगर निगम रायपुर द्वारा क्रियान्वित अमृत मिशन योजना में 24 घण्टे (निरंतर) जलापूर्ति का प्रावधान नहीं था, वर्तमान में जलागारों से सुबह व शाम जलापूर्ति की जाती है। रायपुर शहर में पेयजल व्यवस्था अमृत मिशन के अलावा अन्य योजनाओं, स्मार्ट सिटी मिशन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से भी की गयी है। वर्तमान में कुल 3.42 लाख आवासों/मकानों में से कुल 2.21 लाख आवासों/मकानों को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जनसंख्या के पृथक से ऑकड़े उपलब्ध नहीं है। शहर के तीव्र विस्तार एवं निरंतर बढ़ती जनसंख्या के कारण सम्पूर्ण आबादी को पेयजल उपलब्ध कराना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। चूंकि ढांचागत विकास वित्तीय उपलब्धता पर निर्भर है, अत: शत-प्रतिशत क्षेत्र कवर न होने के लिए कोई विशिष्ट अधिकारी दोषी नहीं है। (
लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने बताया कि टैंकर सप्लाई हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 में राशि रू. 58.35 लाख, 2024-25 में राशि रू. 168.46 लाख, 2025-26 में राशि रु. 206.98 लाख, तथा 2026-27 (15 जून 2026 की स्थिति में) में राशि रू. 211.54 लाख का व्यय जल संकट मद से किया गया है। शहर के क्षेत्रफल एवं जनसंख्या में वृद्धि के साथ-साथ भूजल स्तर में गिरावट आना इसका मुख्य कारण है।

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