नगर निगम परिषद में हंगामा, अधिकारियों के फोन न उठाने पर कॉल टेस्ट फेल

ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब पार्षदों ने अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने का मुद्दा उठाया और इसे “कॉल टेस्ट फेल” का नाम दे दिया। बैठक जलविहार स्थित परिषद भवन में आयोजित की गई थी, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। पार्षदों का आरोप था कि जनता की समस्याएं पहुंचाने के लिए जब भी अधिकारियों को फोन किया जाता है, तो वे कॉल रिसीव नहीं करते। स्थिति को स्पष्ट करने के लिए सभापति मनोज तोमर ने मौके पर ही कांग्रेस के एमआईसी सदस्य मनोज राजपूत सहित तीन पार्षदों से अधिकारियों को फोन करवाया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि परिषद की कार्यवाही के दौरान भी किसी अधिकारी ने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद सभापति ने नगर निगम कमिश्नर को अधिकारियों को सख्त निर्देश देने को कहा कि वे पार्षदों के कॉल का जवाब दें या व्यस्त होने पर बाद में कॉल बैक करें। इसी बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद बैठक को 18 मई तक के लिए स्थगित कर दिया गया।







