Madhya Pradesh

एमपी के तीन टोल पर भारी वसूली, सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने में फैसला देने का आदेश

Share

मध्य प्रदेश के तीन टोल प्लाजा पर लागत से कई गुना ज्यादा वसूली के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने इंदौर हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि मामले की सुनवाई तीन महीने के भीतर पूरी कर फैसला सुनाया जाए। यह मामला भोपाल-देवास, लेबड़-जावरा और जावरा-नयागांव टोल रोड से जुड़ा है, जहां परियोजना की लागत से कई गुना अधिक राशि वसूली गई है। जानकारी के अनुसार भोपाल-देवास टोल रोड की लागत 345 करोड़ रुपये थी, लेकिन इससे 2056 करोड़ रुपये वसूले गए। वहीं जावरा-नयागांव रोड की लागत 426 करोड़ रुपये होने के बावजूद 2635 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जबकि लेबड़-जावरा रोड की लागत 589 करोड़ रुपये थी और यहां से 2376 करोड़ रुपये वसूले गए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की खंडपीठ ने पूर्व विधायक परसक सकलेचा की याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को 15 दिन के भीतर हाईकोर्ट में नया आवेदन दाखिल करने की अनुमति भी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने टोल रोड के निवेशकों और अन्य प्रभावित पक्षों को भी मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है, जहां कांग्रेस ने सरकार पर जनता से अधिक वसूली का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट के निर्देशों का पूरा पालन किया जाएगा।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button