अबूझमाड़ के बोटेर में खुला सुरक्षा व जनसुविधा कैंप

नारायणपुर। जिले का अबूझमाड़ 4400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस दुर्गम इलाके में सुरक्षाबलों की लगातार बढ़ती मौजूदगी नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में निर्णायक साबित हो रही है। इसी क्रम में नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2026 का छठवां सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप ग्राम बोटेर में स्थापित किया है, जिसे अबूझमाड़ में शांति और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप ग्राम बोटेर जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 90 किमी की दूरी पर है, थाना ओरछा से 30 किमी., आदेर से 15 किमी, कुडमेल कैंप से 6 किमी की दूरी पर स्थित है। बोटेर में कैंप स्थापित होने से वेरकोटी, नीचेवारा, कुरकसा, गुंडेकोट और बोटेर जैसे गांवों में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत घोर नक्सल प्रभावित ग्राम बोटेर में स्थापित इस कैंप के साथ अब उस क्षेत्र में सुरक्षा का दायरा मजबूत हुआ है, जो वर्षों तक नक्सलियों का आश्रय स्थल माना जाता रहा। कैंप की स्थापना के साथ ही आस-पास के गांवों में सुरक्षा का माहौल बनने के साथ-साथ विकास कार्यों की गति भी तेज होने की उम्मीद है। ग्राम बोटेर में स्थापित सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप से सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांवों तक पहुंचाने का रास्ता खुलेगा। ग्राम बोटेर में स्थापित यह नया कैंप कांदुलनार-ओरछा-एडजुम-इडवाया-आदेर-कुडमेल-बोटेर-दिवालूर-कुमनार मार्ग पर प्रस्तावित सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों को सुरक्षा प्रदान करेगा।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दराज और नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया के मार्गदर्शन में वर्ष 2026 में अब तक अबूझमाड़ में कुल 6 सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप खोले गये हैं, जिसमें जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार और अब बोटेर में कैंप स्थापित किया जा चुका है। इस अभियान में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और आईटीबीपी की 38वीं, 44वीं, 41 वीं, 45वीं, 53वीं और 29वीं वाहिनी ने संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रमोद साबद्रा, एसडीओपी अभिषेक केसरी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने अभियान को सफल बनाया। लगातार अबूझमाड़ इलाके में ेखेले जा रहे सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंपों से आने वाले समय में अबूझमाड़ मुख्यधारा के विकास से पूरी तरह जुड़ सकेगा।







