यूनियन कार्बाइड परिसर की सफाई को लेकर बड़ा कदम, 41 साल बाद जहर मुक्त बनाने की तैयारी

भोपाल में 41 साल पहले हुई गैस त्रासदी के बाद अब यूनियन कार्बाइड परिसर को पूरी तरह जहर मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने लगभग तीन करोड़ रुपये का एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसके तहत परिसर की जहरीली मिट्टी, दूषित भूजल और रसायनों से प्रभावित संरचनाओं को वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से साफ किया जाएगा। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद शुरू हुई इस प्रक्रिया से आसपास की बस्तियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। 2-3 दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसायनेट गैस के रिसाव से हजारों लोगों की मौत हो गई थी और लाखों प्रभावित हुए थे, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में गिना जाता है। अब इसी स्थल को सुरक्षित बनाने के लिए विस्तृत योजना के तहत विशेषज्ञ एजेंसी पूरे परिसर का वैज्ञानिक सर्वे करेगी, जिसमें मिट्टी और भूजल के नमूने लेकर प्रदूषण की गहराई का आकलन किया जाएगा। इसके बाद सॉइल वॉशिंग, केमिकल ऑक्सीडेशन और पंप एंड ट्रीट जैसी आधुनिक तकनीकों से सफाई की जाएगी। इससे पहले परिसर में मौजूद 358 मीट्रिक टन जहरीले कचरे को पीथमपुर में नष्ट किया जा चुका है। इस अभियान के पूरा होने के बाद न केवल परिसर सुरक्षित होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य जोखिम कम होने की उम्मीद है और भविष्य में यहां स्मारक निर्माण का रास्ता भी साफ हो जाएगा।







