महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के सदस्यों ने किया रुद्राभिषेक

रायपुर। मित्रता के बंधन में 30 साल से बंधे 12 परिवारों ने इस बार फ्रेंडशिप-डे अलग अंदाज में मनाया। लाल रंग के ड्रेस कोड में शचिंद्र देशमुख के घर पर पहुंचे सभी सदस्यों ने भगवान शिव का अभिषेक और पूजन कर मित्रता के इस खास दिवस को यादगार बनाया। सभी मित्र दिनभर साथ में रहे। दोस्ती की मिसाल कायम करने वाला यह ग्रुप महाराष्ट्र संस्कार केंद्र (मास्क) के रूप में अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। मास्क के सदस्यों ने महाराष्ट्र मंडल के साथ मिलकर सामूहिक लघु रुद्राभिषेक, सामूहिक मंगलागौर पूजा, सामूहिक उपनयन (मुंज) संस्कार, सामूहिक विवाह कार्यक्रम जैसे आयोजन कर अपनी प्रासंगिकता और महत्व बनाकर रखा है। साथ ही अपने समाजसेवा के दायित्व का निर्वहन कर रहा है।
साल 1996 में एक कंप्यूटर क्लास से शुरू हुई दोस्ती आज भी उसी गर्मजोशी, विश्वास और आत्मीयता के साथ जारी है। बदलते समय के साथ सब व्यस्त हो गए, विवाह के साथ परिवार बना और जिम्मेदारियां बढ़ती चली गईं। कुछ भी पहले जैसे नहीं रहा सिवाय दोस्ती के। दोस्तों के बढ़ते परिवार के साथ नए लोग जिंदगी में आए और मास्क ग्रुप में भी। उन्होंने भी अपने अभिभावकों के दोस्तों और उनकी दोस्ती को आत्मसात किया। अब दोस्तों की अगली पीढ़ी भी परिवार से मिले संस्कारों के अनुरूप ही वैसे ही समाजसेवा के कार्यक्रमों में स्वस्फूर्त हाथ बंटा रही है और सबके साथ मधुर सामंजस्य बनाकर चल रही। कोई कितना भी व्यस्त हो, कोई न कोई मौका ढूंढ ही लेता है आपस में मिलने का।
24 दोस्तों और उनके 16 बच्चों व माता- पिता, यानी 40 लोगों का ग्रुप एक परिवार की तरह समय- समय पर छोटे- बड़े कार्यक्रम आपस में ही आयोजित करता रहता है। शेखर- गौरी मोकासदार, चेतन- सृष्टि दंडवते, अतुल- आकांक्षा गद्रे, अजय- मेघा पोतदार, विनोद- शिल्पा राखुंडे, वैभव- उन्नति शाह, शचिंद्र- शुचिता देशमुख, पंकज- श्रुति सराफ, प्रतीक- रीना देशमुख, निखिल- पल्लवी मुकादम, संदीप देशपांडे, शेखर क्षीरसागर, सुधांशु- पल्लवी नाफड़े मिलकर इस ग्रुप को एक परिवार की तरह गढ़ते हैं।







