प्रधानमंत्री के मन की बात से प्रेरित मूर्तिकार मिट्टी से गढ़ रहे गणेश व दुर्गा प्रतिमाएं

कांकेर। जिले के केशकाल के बंगाली कैंप में इस बार गणेशोत्सव और शारदीय नवरात्र की तैयारियां इको-फ्रेंडली अंदाज में हो रही हैं। ओडिशा के मूर्तिकार दिलीप तरफदार ने पर्यावरण संरक्षण का बीड़ा उठाया है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम से प्रभावित होकर प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) का बहिष्कार कर केवल प्राकृतिक मिट्टी से प्रतिमाएं गढ़ रहे हैं।
उनका मानना है कि पीओपी की मूर्तियां विसर्जन के बाद जल स्रोतों और जलीय जीवों के लिए घातक होती हैं। इसके विपरीत, मिट्टी की प्रतिमाएं जल में घुलनशील और पूर्णत: पर्यावरण के अनुकूल हैं। प्रतिमाओं को जीवंत और आकर्षक बनाने के लिए वे प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए वे डिजाइनों और तस्वीरों के आधार पर भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। वर्तमान में उनके पास पांच हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक की रेंज में प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। त्यौहार नजदीक आते ही आर्डर की संख्या बढ़ रही है, जिसे समय पर पूरा करने के लिए मूर्तिकार पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। दिलीप तरफदार ने आम जनता से भी अपील की है कि वे पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का ही चयन करें ताकि भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ पर्यावरण मिल सके।







