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छत्तीसगढ़ का हॉकी खिलाड़ी अवि माणिकपुरी 66 साल के इंतजार के बाद पहली बार पहनेगा टीम इंडिया की नीली जर्सी

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रायपुर। शहर के कुदुदंड निवासी युवा हॉकी खिलाड़ी अवि माणिकपुरी का चयन भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम में हुआ है। 66 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार ऐसा मौका आया है जब राज्य का कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करेगा। हॉकी इंडिया द्वारा घोषित 18 सदस्यीय टीम में अवि को डिफेंडर के रूप में जगह मिली है और नीली जर्सी में नजर आएगा। इससे पहले बिलासपुर के महान हॉकी खिलाड़ी लेस्ली क्लॉडियस ने 1948, 1952, 1956 और 1960 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इससे छत्तीसगढ़ और खास तौर पर बिलासपुर के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी और महासचिव मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि अंडर-18 एशिया कप का आयोजन 29 मई से 6 जून तक जापान के काकामिगाहारा में होगा। टूर्नामेंट के पूल चरण में भारत का पहला मैच 29 मई को कजाखिस्तान से होगा। इसके बाद भारतीय टीम 31 मई को जापान, 1 जून को कोरिया और 3 जून को चीनी ताइपे के खिलाफ मैदान में उतरेगी। सेमीफाइनल और नॉकआउट मुकाबले 5 जून को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 6 जून को भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे होगा। अवि ने अपनी तेज गति, मजबूत टैकलिंग और बेहतरीन खेल समझ के दम पर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। भोपाल एक्सपोजर सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के कोच सरदार सिंह ने उन्हें टीम इंडिया के लिए चुना।
जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष रोहित वाजपेयी ने बताया कि अवि ने शुरुआती प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर लिया। इसके बाद बहतराई एक्सीलेंस सेंटर में कोच अजीत लकड़ा और राकेश टोप्पो के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने खेल को निखारा। बाद में उनका चयन मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी में हुआ, जहां कोच समीर दाद ने उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण दिया। खास बात यह भी है कि जिस एमपी हॉकी अकादमी में अवि प्रशिक्षण ले रहे थे, वहीं से अन्य राज्यों के आयुष रजक, अंश बहुत्रा, करण गौतम, सिद्धार्थ बेन और गाजी खान का भी भारतीय टीम में चयन हुआ है।

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