
अंबिकापुर। मध्यप्रदेश में विकसित अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन का अंबिकापुर स्थित शासकीय पिग फार्म में ट्रायल किया जा रहा है। वैक्सीन परीक्षण के लिए बुधवार को भोपाल से वैज्ञानिकों की टीम यहां पहुंची है। जो सूअरों को बूस्टर डोज लगाने के उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी भी कर रही है।
फार्म प्रबंधक डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन ट्रायल मार्च माह से प्रारंभ किया गया है। यह परीक्षण राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल द्वारा किया जा रहा है। निरीक्षण और मूल्यांकन के लिए डॉ. वेंकटेश, डॉ. सेंथिल कुमार और डॉ. राजू कुमार की टीम समय-समय पर दौरा कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) सूअरों में होने वाली अत्यंत घातक वायरल बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर बहुत अधिक होती है। यह रोग घरेलू एवं जंगली दोनों प्रकार के सूकरों को प्रभावित करता है। वर्तमान में इस रोग का कोई प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है तथा वैक्सीन अभी परीक्षण एवं अनुसंधान के चरण में है।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने अंबिकापुर के साकलो स्थित सुअर फार्म का वैक्सिन के ट्रायल के लिए चयन किया है। वर्तमान समय में भारत सहित विश्व के अधिकांश देशों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के लिए कोई पूर्ण रूप से स्वीकृत व्यावसायिक वैक्सीन नहीं है।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी. के. मिश्रा ने बताया कि पशुपालन विभाग के संचालक के निर्देशानुसार शासकीय सुकर फार्म, सकलो (अंबिकापुर) में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन ट्रायल संचालित किया जा रहा है। ट्रायल के दौरान सभी वैज्ञानिक मानकों एवं जैव-सुरक्षा (Biosecurity) उपायों का पालन किया जा रहा है। अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन के ट्रायल सफल होने पर इसका लाभ देश और विदेश के सुकर पालकों को मिलेगा। जिससे बीमारी से होने वाली पशुओं की मौत और आर्थिक क्षति को रोका जा सके।





