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अमित जोगी द्वारा धार्मिक भावनाएं आहत करने और झूठी एफआईआर दर्ज कराने के मामले में शिकायत दर्ज

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रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी के खिलाफ धार्मिक भावनाएँ भड़काने, साक्ष्य मिटाने और लोक सेवक को झूठी जानकारी देकर भ्रमित करने के संबंध में एक लिखित शिकायत सौंपी गई है। यह शिकायत रविवार को भाजपा आईटी सेल के प्रदेश कार्यालय सहमंत्री शैलेश दीक्षित द्वारा औपचारिक रूप से दर्ज कराई गई है।
श्री दीक्षित द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार, यह पूरा विवाद बीते 27 मई 2026 को बकरीद (ईद-उल-अजहा) के अवसर पर शुरू हुआ। आरोप है कि अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से बकरीद की शुभकामनाएँ देते हुए एक पोस्टर प्रसारित किया था। इस पोस्टर में एक बकरी के साथ गाय का भी चित्र शामिल था। इस आपत्तिजनक चित्र को लेकर सोशल मीडिया और आम जनता के बीच भारी विरोध शुरू हो गया, क्योंकि इससे बहुसंख्यक समाज की धार्मिक आस्था को गहरी ठेस पहुँची थी। जनता के व्यापक विरोध और आक्रोश को देखते हुए अमित जोगी ने करीब दो घंटे बाद उस मूल फोटो को अपने सोशल मीडिया हैंडल से हटा दिया। इसके बाद, उन्होंने बिना गाय वाली नई फोटो पोस्ट कर दी। अपनी इस चूक और जन-आक्रोश से खुद को निर्दोष साबित करने के उद्देश्य से उन्होंने उसी दिन गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही क्षेत्र के एक थाने में एक कथित तौर पर झूठी और मनगढ़ंत प्राथमिकी भी दर्ज करा दी। श्री दीक्षित ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया और फेसबुक/मेटा के सर्वर से इस एडिट हिस्ट्री की तकनीकी जाँच कराई जाए, जिससे सच सामने आ सके। उन्होंने इस मामले में अमित जोगी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, धार्मिक भावनाएं भड़काने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने तथा लोक सेवक को झूठी सूचना देने की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कानूनी और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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