देश में अघोषित आपातकाल: महंत, कांग्रेस में गुटबाज़ी हावी

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए कवायद शुरू हो गई है। पद के कई दावेदार हैं। सभी लोग सक्रिय हो गए हैं। प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल के इस अहम पद को लेकर भाजपा नेता और मंत्री तंज कस रहे हैं, तो कांग्रेस नेता भी उन्हें उसी तंज भरे लहजे में जवाब दे रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में कई और नेताओं के शामिल होने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि पिछले 3 सालों से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का मुद्दा प्रदेश में घूम रहा है। अब यह बोरिंग चेप्टर हो चुका है। कांग्रेस को प्रदेश ने ही भुला दिया है। कांग्रेस की गतिविधियों को याद रखना, बुद्धिमानी वाला काम नहीं है। जब से मैने होश संभाला है, देख रहा हूँ कि इनमे आपसी मतभेद ही रहता है। कांग्रेस की परम्परा और संस्कार में ही गुटबाजी है। यहीं समय- समय पर उभरकर आता रहता है।
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि हमारे में तो ऐसा नहीं है। वो अभी – अभी आए हैं। इनको कहाँ से पता लग गया। कांग्रेस में सब ठीक चल रहा है। उन्होंने कहा कि हम जो चार-पांच लोग अगुवाई कर रहे हैं। उनमें सब ठीक है। सामूहिक नेतृत्व में हम विश्वास करते हैं। चुनाव भी सामूहिक नेतृत्व में होगा। कांग्रेस में कुछ भी निर्णय होता है, तो सामूहिक नेतृत्व के आधार पर होता है।
डॉ. महंत ने कहा कि आने वाले समय में जिन – जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उनमें प्रदेश अध्यक्ष बदलने की संभावना है। राज्य में भी चर्चा है। लेकिन जब तक राहुल गांधी का यहां दौरा और जिला अध्यक्षों का प्रशिक्षण नहीं हो जाता, तब तक इसकी कोई जरूरत नहीं है।
चरण दास महंत ने इसके साथ खाद-बीज को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर कहा कि सरकार में सब ठीक है, कहना उचित नहीं है। निचले स्तर पर समस्या अभी भी है। गांव में तकलीफ है। गांव में काम नहीं हो रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ठप है। इसकी चिंता सबको है, लेकिन मंत्रीगणों को नहीं दिख रहा है। इसमें गंभीरतापूर्वक मुख्यमंत्री को विचार करना चाहिए जो आज की जरूरत है।
देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात:
इंडियन एलायंस की बैठक पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि आज दिल्ली में इंडिया एलायंस की बैठक है। देश में महंगाई, डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस और खाद्य सामग्री के बढ़ते दामों पर चर्चा होगी। देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं। विपक्ष की भूमिका और आगे की रणनीति पर मंथन होगा।







