शिक्षक राजू पुजारी की आत्महत्या सामान्य नहीं, भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए हुई हत्या – मंडावी

बीजापुर। जिले में प्रधान अध्यापक राजू पुजारी की आत्महत्या के मामले में कांग्रेस के बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होने इस घटना को सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए हुई हत्या बताया है। विधायक ने आरोप लगाया कि ग्राम चेरपाल निवासी और प्राथमिक शाला पालनार में पदस्थ रहे, स्व. राजू पुजारी को ठेकेदारों, इंजीनियरों और संबंधित कर्मचारियों द्वारा लगातार मानसिक प्रताडऩा और दबाव का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
विक्रम मंडावी के अनुसार स्कूल भवन का निर्माण लगभग 20 लाख 30 हजार रुपये की लागत से किया जा रहा था। परिवारजनों का आरोप है कि निर्माण कार्य बेहद घटिया स्तर का था, जिसकी शिकायत राजू पुजारी ने कई बार अधिकारियों से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, उन्हें निर्माण राशि ठेकेदार को देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। विधायक विक्रम मंडावी ने दावा किया कि मृतक के सुसाइड नोट में ठेकेदार देवाशीष मंडल, इंजीनियर शैलेश वासम और कर्मचारी छवितेश डोंगरे सहित मुख्य ठेकेदार जागर लक्ष्मैया का नाम सामने आया है। उन्होने यह भी आरोप लगाया कि जागर लक्ष्मैया भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष हैं, इसलिए उन्हें बचाने की कोशिश हो सकती है। श्री मंडावी ने कहा कि राज्य में डबल इंजन की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है, और दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से कई सवाल पूछे, जिनमें ठेका प्रक्रिया, कार्य एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा।
विधायक विक्रम मंडावी ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो परिवार और ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर के अध्यक्ष लालू राठौर सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।







