अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर तीखी झड़प,विपक्ष ने किया बहिगर्मन

रायपुर। अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण और कम वेतन पर कांग्रेस के विधायकों ने विभागीय मंत्री गजेंद्र यादव को घेरा। इस पर यादव के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस के विक्रम मंडावी ने यह मामला उठाया। अपने तारांकित प्रश्न में मंडावी ने अतिथि शिक्षकों को दिए जा रहे वेतन की जानकारी मांगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि 20 हजार रूपए प्रतिमाह दिया जाता है। वह भी उनकी उपस्थिति (अटेंडेंस) पर। मंडावी ने पूछा कि अलग अलग जिलों में एक समान या अलग अलग? यादव ने बताया कि सभी जिलों में समान वेतन दिया जाता है। मंडावी ने पूछा कि 2024 से अब तक कितने अतिथि शिक्षकों की भर्ती की गई ? श्री यादव ने कहा कि नई भर्ती नहीं की गई है पुराने शिक्षकों से अध्यापन कराया जा रहा। और 2022 में इनका वेतन बढ़ाया गया है। चूंकि हम रेगूलर शिक्षकों की भर्ती कर रहे हैं इसलिए अतिथि शिक्षक भर्ती नहीं किया है। मंडावी ने कहा कि इनका नियमितीकरण कब तक करेंगे। नियमितीकरण तो मोदी की गारंटी का चुनावी वायदा भी सरकार ने किया है। मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण नहीं कर रहे। कांग्रेस के ही उमेश पटेल ने कहा कि इन शिक्षकों को उनकी दैनिक उपस्थिति पर वेतन दिया जाता है यानी ये डेलीवेजेस हैं और मोदी की गारंटी में नियमितीकरण का वादा किया है। नहीं कर रहे हैं मतलब गारंटी पूरी नहीं कर रहे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मोदी की सभी गारंटी पूरी हो रही हैं। आने वाले समय में भी होगी ? उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा,मंत्री का जवाब न आने पर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत की घोषणा पर विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।







