बच्चों ने जाने सफलता के पांच मूल मंत्र,संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मानसिक व आध्यात्मिक वर्कशॉप

रायपुर। जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सफलता के पांच मूल मंत्र और दो सैनिक समय और धैर्य को संत ज्ञानेश्वर इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चों ने जाना। बंजारी धाम रावांभाठा से स्कूल पहुंचे गुरुजी हरीश जोशी ने 11वीं और 12वीं के बच्चों को बताया कि जीवन में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पांच चीजों का ध्यान रखना होगा। हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी इसका अनुसरण करते थे। उन्होंने अपनी स्पीच में कई बार इसका उल्लेख किया।
जोशी ने बताया कि पहला काम बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जीवन में छोटे- छोटे काम को करना है। दूसरा, स्वयं को एक अच्छा इंसान बनाना। तीसरा, मन में इस बात का विश्वास रखना कि? ईश्वर सदा आपके साथ है। चौथा, यह मन में ठान लेना कि जीवन में कोई भी काम और कुछ भी असंभव नहीं है। मेहनत करो, सब कुछ संभव होगा। पांचवां और अंतिम काम, सुबह उठते ही हर दिन को अपना दिन समझो यानी सकारात्मक सोच के साथ सुबह उठो।
हरीश जोशी के मुताबिक जीवन की सफलता के दो महत्वपूर्ण सैनिक का उल्लेख करते हुए जीवन में धैर्य व समय की पाबंदी पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि धैर्य के साथ काम करो और समय कभी भी बर्बाद मत करो। अपने अंदर छोटी-छोटी अच्छी आदतों को विकसित करो। किसी भी कार्य को 21 दिन तक लगातार करोगे, तो वह आपकी आदत बन जाएगी। इसी तरीके से अच्छे कार्य करो। गुरुजी ने विद्यार्थियों को बड़े अच्छे तरीके से भाग्य, कड़ी मेहनत, अनुशासन आदि का महत्व समझाया।
इससे पूर्व वर्कशॉप में विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने गुरुजी के सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए उनका विद्यार्थियों से परिचय कराया। शिक्षिका आराधना लाल के मार्गदर्शन में बच्चों ने गुरुजी का सूतमाला से सम्मान किया। उन्हें विद्यालय की ओर से स्कूल मोमेंटो और उपहार भी बच्चों ने ही दिया। 12वीं की श्रद्धा ईस्सर, 11वीं की वर्षा परीदा व 12वीं की वंदना मोटवानी ने गुरुजी का सम्मान किया। वर्कशॉप में उपप्राचार्य राहुल वोडि़तेलवार, अखिल खरे, शिक्षिका अपर्णा आठले, तृप्ति अग्निहोत्री और सुनिधि रोकड़े उपस्थित रहीं।






