राज्य में बकरी पालन को बढ़ावा देने जिले के नवाचार प्रोजेक्ट अजा मॉडल का होगा विस्तार

रायपुर। रायपुर के सीएमटीसी सेंटर सेरीखेड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार संचालित प्रोजेक्ट अजा के अंतर्गत स्थापित गोट क्वारंटाइन सेंटर और ई-गोट कंट्रोल यूनिट का प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती निहारिका बारीक सिंह ने निरीक्षण किया तथा जिले में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन ने परियोजना की कार्यप्रणाली और इससे मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान ग्राम कोसरंगी की हितग्राही श्रीमती चंपा मांडले ने बताया कि प्रोजेक्ट अजा के तहत उन्हें 10 बकरियां और 2 बकरे, बकरी शेड, दवाइयां तथा तकनीकी सहयोग मिला है। इससे उनकी आय बढ़ी है और वे अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर परिवार के खर्चों में सहयोग कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट अजा का संचालन किया जा रहा है। इसके बाद प्रमुख सचिव ने सेरीखेड़ी स्थित सीएमटीसी ट्रेनिंग सेंटर में रायपुर में गठित गोट एग्री फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर और शेयरधारकों से चर्चा कर प्रोजेक्ट अजा से मिल रहे लाभों की जानकारी हितग्राहियों से प्राप्त की।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव ने राज्य स्तर पर कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बकरी पालन क्लस्टर के लिए राज्य में चिन्हित पांच जिलों विशेषकर बस्तर संभाग में रायपुर जिले की तर्ज पर प्रोजेक्ट अजा जैसे सफल मॉडल का विस्तार किया जाए। साथ ही रायपुर में कार्यरत पशु उद्यमियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में इन जिलों में सेवाएं देने का अवसर दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सेरीखेड़ी स्थित केंद्र को एक मॉडल सेंटर के रूप में विकसित किया जाए, ताकि अन्य जिलों के हितग्राही यहां आकर प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त कर सकें।







