उज्जैन में 300 करोड़ से बनेगा ‘वनतारा’, टाइगर सफारी और नाइट कैंपिंग होगी

मोहन यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत धर्मनगरी उज्जैन में देश का दूसरा “वनतारा” विकसित किया जाएगा। वनतारा अभ्यारण, जामनगर की तर्ज पर उज्जैन में एक आधुनिक जू और वन्यजीव संरक्षण केंद्र बनाया जाएगा, जिसकी DPR तैयार करने का काम वनतारा की टीम कर रही है और टीम पहले ही क्षेत्र का सर्वे कर चुकी है। इस परियोजना के लिए मक्सी रोड के नौलखी क्षेत्र में 100 हेक्टेयर से अधिक भूमि चिन्हित की गई है, जहां वन्यजीवों के संरक्षण, देखरेख और इलाज के साथ रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित होगा। परियोजना में नाइट कैंपिंग, टाइगर सफारी और अन्य पर्यटन गतिविधियां शामिल की जाएंगी, जिससे धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में 300 से अधिक देशी और विदेशी प्रजातियों को रखा जाएगा और पर्यटक दिन व रात दोनों समय जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। संभाग भर के वन्यजीवों का रेस्क्यू कर यहां उनका इलाज और देखरेख भी की जाएगी। कोशिश है कि सिंहस्थ 2028 से पहले वनतारा प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा कर लिया जाए, जिससे उज्जैन धार्मिक स्थल के साथ-साथ एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित हो सके।







