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ननकी राम की चिट्ठी पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं, भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर – बैज

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रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 2 साल में ही भाजपा सरकार जनता की नजरों से गिर गई है, अब भाजपा के ही सांसद, विधायक और पूर्व मंत्री अपने सरकार के क्रियाकलापों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के सबसे वरिष्ठ आदिवासी नेता राम कंवर ने सरकार में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर पीएमओ तक तथ्यों और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ पत्र लिखे, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। डीएमएफ के बंदरबाट के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवा आदिवासी नेता रवि भगत पर उल्टे कार्यवाही करके मुंह बंद करा दिया गया। राजिम कुंभ में करोड़ों रुपए का बजट कहां खर्च हुआ? जब वहां भारी अव्यवस्था है साधु संतों से लेकर स्थानीय कलाकारों का अपमान हो रहा है, श्रद्धालुओं को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। कोई ढंग का इंतजाम नहीं है फिर पैसे कहां खर्च किया गया? क्या कुंभ के आयोजन के नाम से भ्रष्टाचार कर उसमें भी बंदरबांट किया जा रहा है? भाजपा विधायक रोहित साहू मेला स्थल में अधिकारियों पर भड़ास निकालकर जनता को भ्रमित कर रहे है क्योंकि कुंभ के आयोजन में वो भी कमेटी में है। ऐसे में उनकी नाराजगी बताती है कि सरकार में कितना भर्राशाही चल रही है।
बैज ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता ननकी राम कंवर लगातार सरकार के भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अराजकता के खिलाफ आवाज उठा रहे लेकिन उनके आवाज की अनदेखी की जा रही। ननकी राम के आरोपों पर सरकार की चुप्पी बताती है कि सभी गड़बड़ियां सरकार के इशारे पर हो रही है।
जम्बूरी में करोड़ो रुपया की गड़बड़ी हुई, 33 हजार शिक्षकों की भर्ती, यातायात अव्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया फिर चुप हो गये? सांसद विजय बघेल मोदी की गारंटी पूरा करने सरकार को पत्र लिखे, फिर चुप्पी साध ली? राजेश मूणत शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये, फिर चुप हो गये? विधायक सुनील सोनी खराब सड़क, खराब सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़ा किये, फिर चुप हो गये? अब रोहित साहू राजिम कुंभ पर सवाल खड़ा कर रहे है। यह बताता है कि पूरी की पूरी सरकार भ्रष्ट है जो भाजपाई हिस्सा नहीं पा रहे वो तिलमिला रहे।
बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के कामकाजों से नाराज सवाल उठाने वाले सांसद, विधायक यदि जनता के प्रति खुद को जिम्मेदार मानते है तो सरकार की नाकामियों के चलते इस्तीफा क्यों नहीं देते? इसी को कहते है मुंह में राम बगल में छुरी, एक ओर जनता की हितैषी बनने का स्वांग करो, दूसरी ओर सत्ता की मलाई खाओ। भाजपा नेताओं की राजनैतिक नौटंकी जनता देख और समझ रही है। ये प्रोपोगंडा चलने वाला नहीं है।

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