भीषण गर्मी से जंगल में सूखे जलस्त्रोत तो वन्य जीव आबादी इलाकों में दिखे प्यास बुझाते

कांकेर। जिले में तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण भीषण गर्मी व लू भी चल रही है। भीषण गर्मी व लू के थपेड़ों की वजह से आम लोगों के साथ ही पशु-पक्षियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है, पक्षी तेज गर्मी सहन नहीं कर पा रहे हैं। जलस्त्रोत में आई कमी के कारण पक्षी मारे जा रहे हैं। जंगल में जल स्त्रोतों के सूखने से वन्य जीव आबादी इलाकों की ओर आ रहे हैं। कहीं भालुओं के समूह को गोठान की टंकी से प्यास बुझाते देखा जा रहा है तो कहीं वानरों का समूह पानी के बोर के पास आकर अपनी प्यास बुझाते दिख रहे हैं। गर्मी के दिनों में मुर्गा व्यापरियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस मौसम में मुर्गे-मुर्गियां ज्यादा तापमान सहन नहीं कर पाती है। मुर्गी विक्रेता मुर्गियों को बचाने कूलर-पंखे व जाली को गीले बोरे से ढंककर रखा जा रहा है।
कांकेर रेस्ट हाउस के पास नेशनल हाइवे के किनारे शनिवार की दोपहर 12 बजे कई पक्षी मृत हालत में मिला। गर्मी के दिनों में जल स्रोत सूख जाने से और समय पर पानी नहीं मिलने से पक्षी मर जाते हैं। तेज गर्मी का असर बंदरों पर भी दिखाई दे रहा है। पुराना बस स्टैंड के पास से गुजरने वाली दूध नदी सूख जाने से पशुओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बंदर अपनी प्यास बुझाने शहर की ओर पहुंच रहे और दुकान के सामने भरे बाल्टियों में पानी पीकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। धूप और गर्मी का असर भालू में भी देखने को मिला है। ग्राम डुमाली के गौठान में बने सीमेंट के पात्र में पानी भरा हुआ था। कुछ दिनों पूर्व तीन भालू यहां पहुंचे और नहाते हुए दिखाई दिए। इस दृश्य को वहां मौजूद लोगों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया था।







