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आज भी प्यासे हैं राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। . जल जीवन मिशन गौरेला ब्लॉक के ग्राम पंचायत चुकतीपानी में फ़ैल हो गई है। क्षेत्र में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र बैगा आदिवासी आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए मीलों का सफर करने को मजबूर हैं। मई 2025 में सीएम साय की जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने उनसे पानी की समस्या की शिकायत की थी। सीएम ने मौके पर मौजूद इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द समाधान के निर्देश दिए थे। साल भर बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
​चुकतीपानी का बाजारडाड़ क्षेत्र मैकल पर्वत की तराई में बसा है कम भूजल स्तर की समस्या से जूझ रहा है। लोगों का कहना है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने यहां की भौगोलिक स्थिति को नजरअंदाज किया। उन्होंने पर्याप्त गहराई तक खुदाई ही नहीं की। इसके चलते गर्मी पड़ते ही बोर सूख गए। यहां एक ही स्थान पर तीन हैंडपंप और बोरिंग की गई। ग्रामीणों को दूर से पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है। ​
​बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सीता राम बैगा और स्थानीय समिति के अध्यक्ष प्रेम लाल बैगा ने बताया कि पिछले साल ‘अमानानाला’ से लिफ्ट सिस्टम के जरिए पानी लाने का वादा किया गया था। पाइपलाइन भी बिछाई गई, लेकिन उसमें से आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी।
इस सम्बन्ध में पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता का कहना है कि उन्होंने फरवरी 2026 में यह प्रोजेक्ट पंचायत को हैंडओवर कर दिया है। आगे की जिम्मेदारी पंचायत अपने स्तर पर देखेगी, सूचना मिलने पर अपने स्टाफ को भेजा गया है। कुछ जगह कमियां पाई गई है, उन्हें दूर किया जा रहा है। साथ ही हैंडपंप को दुरुस्त करने का काम कर रहे है। ​जब यहाँ पानी ही नहीं निकल रहा, तो ग्राम पंचायत सूखे पाइपों और नलों का क्या करेगी? ​संरक्षित जनजाति बैगा परिवारों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाती है।

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