खैरागढ़ में विकास के दावों की खुली पोल पिपरिया वार्ड आज भी पानी को तरसता

खैरागढ़ के जिला मुख्यालय का वार्ड क्रमांक 1 पिपरिया इन दिनों गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है, जहां नगर पालिका द्वारा नल-जल योजना के तहत वर्षों पहले पाइपलाइन बिछाने, घरों में नल कनेक्शन देने और नियमित रूप से पानी टैक्स वसूले जाने के बावजूद आज तक नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है। स्थिति यह है कि वार्डवासी रोजाना पीने के पानी के लिए निजी टैंकरों, दूर के बोरिंग और आसपास के मोहल्लों पर निर्भर हैं। स्थानीय निवासी शबाना बेगम का कहना है कि पिछले कई वर्षों से उनका परिवार टैंकर मंगवाकर पानी की व्यवस्था कर रहा है, जबकि शिकायतों के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है। इसी तरह प्रेमलता वर्मा का आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वादे करते हैं लेकिन बाद में समस्या पर ध्यान नहीं देते। शेख इस्माइल ने बताया कि वे पिछले सात वर्षों में लगभग 1.70 लाख रुपये केवल पानी पर खर्च कर चुके हैं, फिर भी उन्हें नियमित रूप से टैंकर का सहारा लेना पड़ता है और टैक्स भी देना पड़ता है। वहीं केवड़ा मारकंडे ने बताया कि पानी लाने के लिए उन्हें छोटे बच्चों को घर में छोड़कर जाना पड़ता है और यह समस्या पिछले 15-16 वर्षों से बनी हुई है। लगातार उपेक्षा से नाराज वार्डवासी अब आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं और उनका कहना है कि यदि जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे, क्योंकि यह अब केवल पानी का नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता का सवाल बन चुका है।







