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भैरव सोसायटी चमत्कारी जैन दादाबाड़ी में दादागुरुदेव की बड़ी पूजा में भक्तों का उत्साह छलका

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रायपुर। सोमवती पूनम के शुभदिवस खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी द्वारा प्रतिष्ठित चमत्कारी श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी , भैरव सोसायटी में दादागुरुदेव की बड़ी पूजा बड़े उल्लासपूर्ण भावों से सम्पन्न हुई ।
जैन धर्म मे चारों दादागुरुदेव कि असीम कृपा रही है विशेषकर तृतीय दादा श्री जिनकुशल सूरी जी तो प्रगट प्रभावी दादा है जो भी इनको मन से भक्ति भाव से पुजा अर्चना करता है उसे मनवांछित फल निश्चित ही प्राप्त होता है , सोमवती पूनम के दिन दादागुरुदेव के दर्शन व भक्ति विशेष फलदायक मानी गई है उपरोक्त जानकारी अध्यक्ष संतोष बैद ने देते हुए दादागुरुदेव को नमन किया । श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के महासचिव महेन्द्र कोचर ने आगे बताया कि प्रातः 9 . 30 बजे चमत्कारी जैन दादाबाड़ी में भक्तों का रैला लग गया सर्वप्रथम पूजा का आगाज मंत्र नवकार हमें है प्राणों से प्यारा के भजन से करते हुए स्थापना का विधान नारियल अक्षत के साथ मंत्रोच्चार से किया गया फिर प्रथम नवहन जल अभिषेक का विधान गुरु प्रतिख सुरतरु रूप सुगुरु सैम दूजो तो नही के बोलो के साथ संगमरमर की कलात्मक छतरी में विराजित मूर्तियो को पवित्र जल से अभिषेक कर पूर्ण विधि विधान से जल पूजा सम्पन्न की गई इसी के साथ सुप्रसिद्ध गायक वर्द्धमान चोपड़ा व दीप्ति बैद विनोद दुग्गड़ ने भक्ति पूर्ण भजनों से भक्ति रस की अविरल गंगा प्रवाहित कर दी कैसे कैसे अवसर में गुरु राखी लाज हमारी मोको सबल भरोसो तेरो चंद्रसूरी पट्टधारी से दादागुरुदेव का गुणानुवाद किया गया इसी के साथ क्रमशः चंदन , धूप , दीपक , अक्षत पुष्प , नेवैद्य , फल के अर्पण द्वारा दादा गुरुदेव के अष्ठ प्रकारी पूजा का विधान सम्पन्न हुआ । डॉ योगेश बंगानी व संतोष झाबक ने आगे बताया कि ध्वज पूजा चांदी की ध्वजा को महिलाओं द्वारा सिर पर रखकर धूप दीप व शंख व घन्टानाद द्वारा छतरी की 3 प्रदक्षिणा देकर ध्वज पूजन कर हरख भरी के बोलो के साथ शिखर पर ध्वजा समर्पित की गई वस्त्र व अर्ध्य पूजा का विधान मंत्रोच्चारो के कर पुजा का समापन आरती व मंगल दीपक द्वारा किया गया । पूजा पश्चात गुरु प्रसादी लाभार्थी परिवारों की ओर से रखी गई थी ।

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