संसद परिसर को नौटंकी का मंच बनाकर कांग्रेस और राहुल गांधी ने तार-तार की संसदीय गरिमा : सांसद पांडेय

रायपुर। संसद परिसर में कांग्रेस, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इण्डी गठबंधन के अन्य नेताओं द्वारा किए गए कथित विरोध प्रदर्शन/नाटक की कड़े शब्दों में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने तीखी निन्दा की है। पाण्डेय ने कहा कि देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंदिर (संसद) के परिसर को सस्ती नौटंकी, ड्रामेबाजी और प्रहसन का केंद्र बनाकर विपक्ष ने संसदीय मर्यादा और गरिमा को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है।
पाण्डेय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इण्डी गठबंधन के घटकों के पास न तो देश के विकास के लिए कोई नीति है और न ही सकारात्मक सोच। यही कारण है कि वे संसद की गरिमा को भुलाकर वहाँ स्वांग रचने और ड्रामेबाज़ी करने पर उतर आए हैं। संसद भवन लोकतंत्र का पवित्र स्थान है, जहाँ देश की 140 करोड़ जनता के भविष्य और नीतिगत विषयों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, न कि साधु-संतों का रूप धरकर या दानपेटी लेकर नौटंकी करने का अड्डा बनना चाहिए। श्री पाण्डेय ने कहा कि संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा साधु का वेश धरकर दानपात्र से पैसे जेब में रखने जैसी शर्मनाक एक्टिंग करना अत्यन्त निन्दनीय है। इस प्रकार की हरकतों से न केवल संसद की गरिमा गिरी है, बल्कि हमारे पूज्य साधु-संतों और सनातन धार्मिक परम्पराओं का भी प्रत्यक्ष रूप से उपहास उड़ाया गया है।
भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता पाण्डेय ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा जताई गई गहरी नाराजगी का जिक्र करते हुए कहा कि जब लोकसभा अध्यक्ष स्वयं सांसदों को वेश बदलकर आने से बचने और संसदीय मर्यादा का पालन करने की हिदायत दे चुके हैं, तब भी राहुल गांधी और उनके सहयोगी अपनी ओछी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। यह संसदीय व्यवस्था और अध्यक्ष पीठ के प्रति विपक्ष के अनादर को दर्शाता है। श्री पाण्डेय ने कहा कि प्रभु श्री राम मंदिर के पावन नाम पर भ्रम फैलाने और कथित आरोपों की आड़ में इस तरह की हास्यास्पद ड्रामेबाजी करना कांग्रेस और उसके साथियों की बौद्धिक कंगालियत को उजागर करता है। देश की जनता देख रही है कि किस तरह विपक्ष गंभीरता से चर्चा करने के बजाय संसद का समय और माहौल खराब कर रहा है। पाण्डेय ने इण्डी गठबंधन के इस गर्हित आचरण की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हुए राहुल गांधी से देश की जनता, संसद और सनातन समाज से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।







