नोटिस और पोस्टर-वार के खेल से बेनकाब हुआ कांग्रेस का तथाकथित अनुशासन : भाजपा

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भीतर मचे राजनीतिक घमासान, बढ़ती पद लोलुपता और अंतर्कलह पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने तीखा तंज कसा है। बैज बनाम पटेल की जंग पर हमला बोलते हुए ठोकने ने कहा कि सत्ता जाते ही कांग्रेस ताश के पत्तों की तरह बिखर गई है और अब प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के भीतर खुलकर पोस्टर वार और सिर-फुटौव्वल शुरू हो चुकी है।
ठोकने ने कहा कि पूर्व मंत्री उमेश पटेल को पीसीसी चीफ बनाने की मांग उठने के बाद जिस तरह से पूर्व जिलाध्यक्ष अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है, उससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस में सच बोलने वालों का दमन किया जा रहा है। खाबो लाठी, जाबो जेल, हमर नेता उमेश पटेल जैसे नारों के साथ सोशल मीडिया पर जारी यह जंग सिर्फ कुछ समर्थकों की नारेबाजी नहीं, बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और उमेश पटेल के खेमों के बीच छिड़ी खुली राजनीतिक लड़ाई है। ठोकने ने कहा कि रायगढ़, बस्तर, रायपुर से लेकर सरगुजा तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह लामबंदी दर्शाती है कि कांग्रेस के भीतर डेढ़ दशक बाद कुर्सी के लिए ऐसा घमासान मचा है, जो अब छिपाए नहीं छिप रहा। एक तरफ बैज अपनी कुर्सी बचाने के लिए नोटिस की लाठी चला रहे हैं, तो दूसरी तरफ भूपेश बघेल समर्थक नेता इस आग में घी डालने का काम कर रहे हैं।
ठोकने ने चुटकी लेते हुए कहा कि जिस पार्टी में अनुशासन नाम की कोई चीज़ ही न बची हो, वह जनता के मुद्दों पर क्या बात करेगी? कांग्रेस नेता आज न तो विपक्ष की भूमिका निभाने के योग्य बचे हैं और न ही अपना संगठन संभालने के। अपनी-अपनी निष्ठाएँ चमकाने और पद पाने की लोलुपता में कांग्रेस अब नोटिस और पोस्टर की पार्टी बनकर रह गई है। जनता सब देख रही है कि किस तरह अपनी-अपनी ढपली और अपना-अपना राग अलापने वाले ये नेता केवल पद के लिए एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं!







