बाल संस्कार शिविर ऑन- ऑफलाइन मोड पर एक मई से

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से एक मई से 30 मई तक तक ग्रीष्मकालीन बाल संस्कार शिविर लगाया जा रहा है। हर साल ऑनलाइन मोड पर लगने वाला यह शिविर इस वर्ष वीकएंड पर ऑफलाइन भी होगा। यानी बाल संस्कार शिविर सोमवार से गुरुवार तक ऑनलाइन चलेगा, तो शुक्रवार व शनिवार को ऑफलाइन होगा और सभी शिविरार्थी बच्चे सुबह सात से आठ बजे महाराष्ट्र मंडल परिसर में जुटेंगे और शिविर को एंजॉय करेंगे।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि अपने बच्चों को आध्यात्म और संस्कारों से जोडऩे का यह अभिभावकों के पास अच्छा अवसर है। इस संदर्भ में 22 अप्रैल को आध्यात्मिक समिति की ऑनलाइन बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा भी सुनिश्चित की गई। आस्था के अनुसार अगर बच्चों को अपने पारंपरिक खेलों से परिचित कराते हुए उससे जोडऩा है, तो आपको शिविर को ऑफलाइन मोड पर लाना ही होगा। हम शुक्रवार और शनिवार को शिविर में बच्चों को पिट्टूल, बिल्लस, पोशमपा, छुपन छुपाई, रेस टीप जैसे खेल भी खिलाएंगे। इसके अलावा बच्चों को नाटक की बुनियादी सीख दी जाएगी। फायरलेस कुकिंग के माध्यम से भी बच्चों को परिस्थिितयों से जूझना सिखाया जाएगा।
आध्यात्म समिति प्रमुख आकांक्षा गद्रे ने बताया कि ऑनलाइन शिविर सुबह सात से आठ बजे लगेगा। इसमें बच्चों को दैनंदिनी के स्तोत्र, गणपति स्तोत्र, अथर्व शीर्ष पाठ, राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्त्र नाम, गीता का 12वां और 15वां अध्याय सहित विविध मंत्रोच्चार सिखाएं व याद कराए जाएंगे। इसके साथ ही इन मंत्रों का अर्थ भी बच्चों को बताया जाएगा। इसके अलावा उन्हें शिक्षाप्रद कहानियां, सामान्य ज्ञान, पहेलियां बताई जाएंगी। सम सामयिक विषयों पर भी बच्चों से चर्चा की जाएगी। वहीं व्यायाम, योग, ड्राइंग, पेंटिंग, संगीत जैसे सेगमेंट से बच्चों को शिविर से जोड़ा जाएगा।







