Chhattisgarh

एसईसीएल गेवरा में विस्फोटों से नराईबोध के घरों में दरारें, पेयजल संकट

Share

कोरबा। एसईसीएल गेवरा खदान में हो रहे भारी खनन विस्फोटों ने ग्राम नराईबोध के लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। इन विस्फोटों के कारण घरों पर पत्थर गिर रहे हैं, दीवारों में दरारें आ गई हैं और पीने के पानी के स्रोत धंस रहे हैं। प्रबंधन की उदासीनता और विस्थापन-रोजगार में देरी से नाराज ग्रामीणों ने अब महाघेराव की चेतावनी दी है।
ग्राम नराईबोध गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। ग्रामीणों का आरोप है कि दोपहर में होने वाले विस्फोट इतने भीषण होते हैं कि पूरा गांव दहल उठता है। डर के मारे लोग अपने घर छोड़कर बाहर भागते हैं। कई मकानों की दीवारों और छतों में चौड़ी दरारें आ चुकी हैं, जिससे मानसून में बड़ी दुर्घटना का खतरा है।
हाल ही में एक घर में विस्फोट का एक बड़ा पत्थर एस्बेस्टस चादर तोड़कर कमरे में गिरा था। उस समय परिवार के लोग अंदर आराम कर रहे थे। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। अगले ही दिन चादर ठीक करते समय फिर विस्फोट हुआ और उसी जगह दूसरा पत्थर गिरा। गांव में नलकूप और कुएं भी धंस गए हैं, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है।
इसकी सूचना पर एसईसीएल गेवरा के अधिकारी पहुंचे और उन्होंने नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने टूटी हुई एस्बेस्टस चादर के बदले नई चादर देने की बात कही। इस बयान पर ग्रामीण भड़क गए और पीड़ित परिवार ने कहा कि प्रबंधन के लिए उनकी जान की कीमत एक प्लास्टिक चादर जितनी रह गई है। रोजगार को लेकर भी ग्रामीणों में आक्रोश है, क्योंकि 51 डिसमिल तक के प्रभावित किसानों को पात्रता होने के बावजूद दो परिवारों के 4 पात्र सदस्यों को नौकरी नहीं दी जा रही। अन्य खातेदारों से आवेदन पत्र भरवाए जा रहे हैं, वहीं इनकी दस्तावेज रोककर रखी गई है।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button