बस्तर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की बस्तर से तय हुई विदाई

जगदलपुर। बस्तर विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद चल रही हलचल के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है, मौजूदा रजिस्ट्रार राजेश कुमार लालवानी की बस्तर से विदाई तय हो गई है। उन्हें अब छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू), भिलाई भेजा जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि लालवानी का प्रोबेशन भी अभी पूरा नहीं हुआ था, इसी दौरान उनका तबादला ऐसे वक्त में किया गया है, जब बस्तर विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनकी कार्यशैली को लेकर राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग तक शिकायतें पहुंची थीं। वहीं कुलपति के साथ उनके संबंधों को लेकर भी लगातार चर्चा रही। हालांकि सरकार या उच्च शिक्षा विभाग ने तबादले की वजह पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि शिकायतों के बावजूद लालवानी को प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी विश्वविद्यालय सीएसवीटीयू भिलाई में नई जिम्मेदारी क्यों दी गई।
उल्लेखनिय है कि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर 20-20 लाख रुपये लेकर की जा रही भर्ती प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ कांग्रेस कमेटी रायपुर के संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने कुलपति मनोज श्रीवास्तव पर गंभीर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों से लाखो के लेन-देन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एवं बस्तर के प्रतिभावान व योग्य स्थानीय युवाओं को दरकिनार करते हुए लाखो रूपये का भ्रष्टाचार का आरोप लगाया हैं। वहीं इस मामले पर इससे पहले भाजपा के पूर्व विधायक संतोष बाफना के द्वारा कुलपति मनोज श्रीवास्तव पर बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों से 20-20 लाख रुपये लेकर उनका चयन करने के आरोप लगाते हुए राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा को पत्र लिखकर पूरी भर्ती प्रक्रिया की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराने और वर्तमान चयन सूची पर रोक लगाने की मांग की थी। एसा माना जा रहा है कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद की कर्यवाही मानी जा रही है।







