सामूहिक मंगलागौरी व्रत का उद्यापन 8 सितंबर को

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल रायपुर और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र की ओर से मंगलवार, 8 सितंबर को सुबह 10 बजे से सामूहिक मंगलागौरी व्रत का उद्यापन किया जाएगा। महाराष्ट्र मंडल भवन में आयोजित उद्यापन को लेकर व्रती महिलाएं अपना पंजीयन करा सकती हैं। महाराष्ट्र मंडल के सचिव और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के प्रमुख आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि व्रत को लेकर महिलाओं ने अपनी पंजीयन कराना शुरू कर दिया है।
आचार्य दंडवते ने बताया कि महाराष्ट्रीयन परिवारों में महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए इस व्रत को करती हैं। गौरी पूजन नाम से स्पष्ट है, माँ गौरा अर्थात् माता पार्वती के लिए यह व्रत किया जाता है। भगवान शिव-पार्वती को श्रावण माह अतिप्रिय है इसलिए यह व्रत श्रावण माह के मंगलवार को ही किया जाता है। यही वजह है कि इसे मंगला गौरी भी कहा जाता है। मंगला गौरी का व्रत पूरा कर आखरी मंगलवार को किसी पंडित या पुरोहित के सानिध्य में 16 सुहागन स्त्रियों को भोजन करा कर इस व्रत का समापन करना होता है। उद्यापन के दिन की पूजन विधि हर मंगलवार की तरह होती है। आखिरी मंगलवार को पूरे परिवार के साथ माता-पिता के साथ व सुहागन स्त्री अपने पति के साथ करना चाहिए।
आचार्य दंडवते के अनुसार 12 वर्षों से महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन किया जा रहा है। उद्यापन कार्यक्रम का यह 13वां वर्ष है। पिछले वर्ष 28 महिलाओं ने उद्यापन करवाया था। सामाजिक समरसता लाने के लिए यह सामूहिक आयोजन किया जाता है, ताकि महिलाएं एक ही छत के नीचे सभी सुविधाओं के साथ सरलता के साथ पूजन कर सकें। व्रती महिलाएं उद्यापन करने के लिए महाराष्ट्र मंडल कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं।







