दपूमरे बिलासपुर मंडल के अनूपपुर-कटनी रेलखंड में विकास को मिल रही है नई गति

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत अनूपपुर-कटनी रेलखंड में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण के विभिन्न कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। तीसरी लाइन, गति वृद्धि, अमृत भारत स्टेशन योजना, यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा संरक्षा संबंधी कार्यों के परिणामस्वरूप इस महत्वपूर्ण रेलखंड की परिचालन क्षमता, सुरक्षा एवं यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
तीसरी लाइन से बढ़ी परिचालन क्षमता
अनूपपुर-कटनी रेलखंड पर 165.52 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन के चालू होने से रेल परिचालन अधिक सुगम, सुरक्षित एवं समयबद्ध हुआ है। अतिरिक्त लाइन उपलब्ध होने से यात्री एवं मालगाडिय़ों का संचालन बेहतर ढंग से किया जा रहा है। इससे लाइन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा ट्रेनों के संचालन में गतिशीलता आई है।
110 किमी/घंटा गति लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
रेलखंड में गति वृद्धि के अंतर्गत अनूपपुर-सिंहपुर, लोरहा-विलायतकलां तथा रुपौंद-न्यू कटनी जंक्शन खंडों पर 110 किमी/घंटा की गति सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। वहीं सिंहपुर-लोरहा तथा विलायतकलां -रुपौंद खंड पर भी 110 किमी/घंटा गति लागू करने के लिए आवश्यक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। गति वृद्धि से ट्रेनों के समयपालन में और सुधार होगा तथा रेल परिचालन की समग्र दक्षता और क्षमता में वृद्धि होगी।
अमृत भारत स्टेशन योजना से आधुनिक बन रहे स्टेशन
रेलखंड के प्रमुख स्टेशन अनूपपुर, शहडोल एवं उमरिया में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत व्यापक विकास कार्य प्रगति पर है जो कि पूर्णता की ओर अग्रसर है। स्टेशन भवनों का आधुनिकीकरण, सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, बेहतर पहुंच मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं तथा अन्य यात्री सुविधाओं का विस्तार तथा स्टेशन परिसर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा।
यात्री ट्रेनों के संचालन एवं ठहराव में सुधार
इस खंड की बढ़ी हुई क्षमता के कारण विभिन्न स्टेशनों पर यात्री गाडिय़ों के संचालन एवं ठहराव में भी सुधार किया जा रहा है। इस सेक्शन की क्षमता बढऩे के कारण यात्रियों की सुविधा के लिए रानी कमलापति-सांतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस का अनूपपुर, बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस का नौरोजाबाद व रुपोंद स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव भी प्रदान किया गया है। जिससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और छात्र-छात्राओं को यात्रा करने में अभूतपूर्व सुविधा हो रही है।







