एनसीईआरटी अब ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर मामले में विवादों में घिरा

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी एनसीईआरटी अपने पाठ्यक्रमों में बदलाव को लेकर इन दिनों विवादों का सामना करना है। कभी अकबर को हटाने तो कभी मराठा साम्राज्य के मैप तो कभी न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लेकर लगातार विवादों में है।अब NCERT ए बार फिर एक फोटो को लेकर विवादों में आ गया है। इस बार एनसीईआरटी ने मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली ‘डांसिंग गर्ल’ की नग्न मूर्ति को कपड़ों के साथ छापी। इसे लेकर विवाद बढ़ गया है। इतिहासकारों ने बदलाव को छात्रों के साथ अन्याय बताया है।
दरअसल NCERT की नई किताब ‘मधुरिमा’ में सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर बदले हुए रूप में छापी गई है। ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर 9वीं क्लास की किताब ‘मधुरिमा’ के पहले चैप्टर ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ में दी गई है।
यह किताब NCERT की नई आर्ट्स एजुकेशन सीरीज का हिस्सा है, जिसे नई शिक्षा नीति (NEP) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के तहत तैयार किया गया है। अब तक क्लास 1 से 9 तक की किताबें जारी की जा चुकी हैं। इस किताब में मूर्ति की तस्वीर में कंधों से नीचे का हिस्सा ढक दिया गया है, जबकि मूल मूर्ति में यह हिस्सा खुला दिखाई देता है। 25 साल से छप रही इस कांस्य मूर्ति के मूल स्वरूप में पहले कभी बदलाव नहीं किया गया था।
इतिहासकार ने उठाए सवाल
मूल तस्वीर की फोटो के साथ छेड़छाड़ को इतिहासकारों ने छात्रों के साथ अन्याय बताया है। इतिहासकार मिशेल डेनिनो ने तस्वीर में किए गए बदलाव को छात्रों के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि मूर्ति के पूरे धड़ को ढकना सेंसरशिप है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इसी तर्क पर तस्वीर बदली जा रही है, तो क्या छात्रों को नेशनल म्यूजियम में रखी मूल प्रतिमा और दूसरी अर्धनग्न या नग्न ऐतिहासिक मूर्तियां देखने से भी रोका जाएगा?
तस्वीर में बदलाव को लेकर पूछे गए सवाल पर NCERT के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है। उन्होंने कहा कि कक्षा 6 की सोशल साइंस किताब में ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर अपने मूल रूप में मौजूद है और यह हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख खोजों में से एक है।
‘डांसिंग गर्ल’ नाम से मशहूर करीब 4 इंच ऊंची कांस्य मूर्ति 1926 में मोहनजोदड़ो से मिली थी।
मूर्ति में जूड़ा बांधे एक युवती को दिखाया गया है, जिसके हाथों में कई चूड़ियां और गले में हार है। उसकी मुद्रा आत्मविश्वास से भरी मानी जाती है।
मूल मूर्ति नई दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में रखी गई है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल:
फोटो के बदलाव पर कांग्रेस ने भी सवाल उठाया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा-NCERT की क्लास 9 की टेक्स्टबुक में मोहनजो-दारो डांसिंग गर्ल की तस्वीर उसके धड़ से ढकी हुई दिखाई दी है।ऐसे समय में जब NEET पेपर लीक और CBSE OSM में गड़बड़ी जैसे मामले सामने आ रहे हैं, शिक्षा मंत्रालय इसी को प्राथमिकता दे रहा है। अनपढ़ और नाकाबिल लोग हर जगह अहम पदों पर बैठे हैं। शर्म आनी चाहिए







