सेल ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रणनीतिक प्राथमिकताओं को दी नई धार

भिलाई/ नई दिल्ली। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की मजबूत मोमेंटम को जारी रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की है। कंपनी कस्टमर एंगेजमेंट और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ वैल्यू-एडेड और विशेष इस्पात उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। इसके साथ ही, कंपनी अपनी क्षमता विस्तार योजनाओं के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो सरकार के विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। यह कदम कंपनी द्वारा हाल ही में घोषित वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय परिणामों के बाद उठाया गया है।
उभरती वैश्विक अस्थिरता से उत्पन्न कई चुनौतियों के बावजूद, स््रढ्ढरु ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 में 11.75 प्रतिशत की मजबूत एबिटडा वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी के टैक्स के बाद लाभ और टैक्स से पहले लाभ में क्रमश: 950 प्रतिशत और 944 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई, और इसके साथ ही कंपनी ने पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले अपने कर्ज में 8,148 करोड़ रुपये की कमी की।
भविष्य के दृष्टिकोण पर टिप्पणी करते हुए, सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने कहा: वित्त वर्ष 2025-26 में हमारा प्रदर्शन विपणन (मार्केटिंग) पहलों, उत्पादन में सुधार, दक्षता लाभ और बेहतर वित्तीय रणनीतियों के संयुक्त प्रभाव को दर्शाता है, जिसने हमारे कारोबार (टॉप लाइन) और शुद्ध लाभ (बॉटम लाइन) दोनों को मजबूत किया है। कंपनी की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ है और मजबूत सिनर्जी के साथ, हम अपने वित्त वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। उन्होंने आगे कहा, आगे बढ़ते हुए, हमारा जोर ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करने, लागत अनुकूलन और भारत की बढ़ती बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) तथा औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेष स्टील्स के अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने पर रहेगा। इसके साथ ही, हम वर्किंग कैपिटल उधारी को कम करना जारी रखेंगे, जिसके कारण मुनाफे में उल्लेखनीय सुधार आने लगा है।







