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नाबालिग को भगा ले जाने और दैहिक शोषण करने वाले 20 वर्ष की सजा

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दुर्ग। नाबालिग को बहला फुसलाकर भगाने के बाद शारीरिक संबंध बनाने वाले आरोपी को कोर्ट ने 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ एफटीसी अनीश दुबे की कोर्ट ने आरोपी अंशु दास मानिकपुरी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास, 1000 रुपए अर्थदंड तथा अर्थदंड न दे पाने पर 1 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 87 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास, 500 रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि आरोपी अंशु दास मानिकपुरी निवासी आदर्श नगर कैंप एक भिलाई की जान पहचान 15 वर्ष 6 माह आयु की किशोरी के साथ थी । जान पहचान बढ़ने पर आरोपी ने किशोरी को बहला-फुसला कर शादी का प्रलोभन देते हुए 25 अगस्त 2024 की रात को अपने साथ भाग ले गया और 10 नवंबर 2024 तक अपने साथ ग्राम छतौना चकरभाटा बिलासपुर स्थित अपने घर में रखा था । इसके बाद आरोपी ने उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा। इसकी शिकायत पीड़िता की माँ ने छावनी थाने में दर्ज कराई थी।

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