आरटीआई मामले में भिड़ंत, विभाग में बहस से बढ़ा विवाद, कॉलर कांड तक पहुंचा मामला

महिला एवं बाल विकास विभाग में आरटीआई को लेकर शुरू हुआ विवाद उस समय बड़ा रूप ले लिया जब मामला “कॉलर कांड” तक पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, आरटीआई एक्टिविस्ट एवं अधिवक्ता शंभू गोस्वामी ने विभाग से जानकारी मांगी थी, जिसके जवाब में विभाग ने 83 हजार पन्नों के दस्तावेज का हवाला देते हुए 1.66 लाख रुपये जमा करने का पत्र जारी किया था। इसके बाद शंभू गोस्वामी राशि लेकर विभाग पहुंचे, लेकिन वहां नकद लेने से इनकार कर दिया गया और इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय ने कथित तौर पर अपना कॉलर आगे कर “पकड़ो मेरा कॉलर, थप्पड़ मारो” जैसे शब्द कहे, जिसके जवाब में अधिवक्ता गोस्वामी ने भी विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे मामला और सुर्खियों में आ गया है। वहीं अधिकारी का कहना है कि जानकारी देने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत चालान के माध्यम से भुगतान करना होता है, लेकिन संबंधित व्यक्ति ने विभाग में आकर हंगामा किया।







