छत्तीसगढ़ की फिल्म “भीम चिंताराम” का अंतरराष्ट्रीय सम्मान, यूक्रेन के 100 स्कूलों में दिखाई जाएगी

छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सराहना मिल रही है। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम बुड़गहन निवासी दाऊ चिंताराम टिकरिहा की जीवनी पर आधारित इस फिल्म का प्रदर्शन अब यूक्रेन के 100 स्कूलों में किया जाएगा। साथ ही फिल्म को 14 मई को आयोजित होने वाले फिल्म फेयर कार्यक्रम में भी शामिल किया गया है, जिसमें लगभग 2500 फिल्मों में से इसे बच्चों को दिखाने के लिए चयनित किया गया है। इस संबंध में फिल्म के निर्माता, लेखक और निर्देशक अंशु धुरंधर को आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ है। इससे पहले भी यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में भारत और छत्तीसगढ़ का मान बढ़ा चुकी है। दुनियाभर के 154 देशों से आई 2,974 फिल्मों में चयनित होने वाली चुनिंदा फिल्मों में “भीम चिंताराम” भी शामिल रही। करीब तीन वर्षों के गहन शोध और 245 लोगों के साक्षात्कार के आधार पर बनी इस डॉक्यूमेंट्री में दाऊ चिंताराम टिकरिहा के सामाजिक योगदान और संस्कारों के महत्व को दर्शाया गया है। फिल्म के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि जैसे शरीर के लिए कसरत जरूरी है, वैसे ही समाज के लिए अच्छे संस्कार भी अत्यंत आवश्यक हैं। उनकी जीवनी पर आधारित एक पुस्तक भी लिखी गई है।







