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दुर्गूकोंदल की युवती को झारखंड से करवाया गया मुक्त, मानव तस्करी का आरोप निराधार

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कांकेर। जिले के दुर्गूकोंदल थाना क्षेत्र की युवती विद्या भारती नरेटी ने गांव में मैसेज भेजकर मदद मांगी। युवती ने बताया कि उन्हें नौकरी का झांसा देकर झारखंड ले जाया गया और वहां जबरन रोका जा रहा है। इसके बाद सोशल मीडिया में युवतियों के वीडियो वायरल होने के बाद मामले की जानकारी लगते ही कांकेर एसपी निखिल कुमार राखेचा ने गढ़वा एसपी आशुतोष शेखर ने संपर्क किया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्गूकोंदल की युवती को मुक्त कराया।
मिली जानकारी के अनुसार गढ़वा के डीएसपी नीरज कुमार ने जब पीडि़ता से पूछताछ की तो उसने बताया कि दोस्त देव कुमारी ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा देकर गढ़वा बुलाया था, छह मई को अकेले बस से गढ़वा पहुंची। यहां उसे एक मकान में रखा गया, जहां पहले से कांकेर की 15-16 युवतियां मौजूद थीं। युवती ने बताया कि संस्था के लोगों ने रात्रि में कंपनी के नियमानुसार मोबाइल फोन वर्जित होने के कारण मोबाइल फोन को रख लिया, इससे वह डर गई। किसी तरह सुबह उसने अपने चाचा को मैसेज कर पूरी जानकारी दी। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 10 हजार रुपये भी लिए गए हैं।
डीएसपी नीरज कुमार ने बताया कि 30 लड़कियां और 100 लड़के अलग-अलग मकान में रह रहे हैं। सभी बालिग हैं और नौकरी के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। संस्था अर्थ इंटरप्राइजेज के मालिक बलराम कुमार ने बताया कि उन्होंने साउथ दिल्ली की कंपनी आरएचआई नेचर वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड का फ्रेंचाइजी लिया है। कंपनी का प्रोडक्ट बेचने के लिए लड़के-लड़कियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। डीएसपी ने मानव तस्करी के मामले से इनकार किया है।

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