जेलों में बंद नक्सलियों का होगा पुनर्वास: डिप्टी सीएम शर्मा
जगदलपुर। राज्य से नक्सलवाद का दंश खत्म हो जाए इसके लिए सक्रिय नक्सलियों के पुनर्वास की योजना लेकर आई। इसका असर देखने को मिला। अब साय सरकार जेल में कैद नक्सलियों के भी पुनर्वास करने की योजना तैयार करने में जुटी है। यह बातें डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कही। उन्होंने बताया कि
पिछले 2 वर्षों में 500 से अधिक माओवादी मारे गए, 3 हजार माओवादियों का पुनर्वास किया गया। 2 हजार माओवादियों की गिरफ्तार किए गए। राज्य के विभिन्न जेलों में बंद माओवादी जो छिटपुट घटनाओं में शामिल रहे। ऐसे माओवादियों के प्रकरण को वापस लेने और उनका पुनर्वास कराने की योजना सरकार की है।
डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति केवल कागज का पुलिंदा नहीं है, और केवल ईनाम की राशि नहीं है। पुनर्वास नीति में बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम भी शामिल है। पुनर्वास नीति के माध्यम से यह कल्पना सरकार की है कि यदि जंगल से पुनर्वास हो सकता है, तो जेलों से भी पुनर्वास किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जंगल से पुनर्वास किए माओवादी जेलों में जाकर अपने परिजनों और अपने मित्रों से मिलते हैं। अगले चरण में जेलों में बंद माओवादियों को
पेरोल पर निकालकर पुनर्वास केंद्रों में लाकर मिलाया जाएगा। जिनका पुनर्वास हुआ है वे जेलों में बंद माओवादियों को इसके लिए प्रेरित करेंगे। इसके बाद सरकार उनके जमानत के लिए कार्य करेगी।







