कर्मचारी संघ ने बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने पर आभार व्यक्त किया

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री गजेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि लगभग छह दशकों से नक्सली हिंसा और, भय का दंश झेल रहे बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इस घोषणा पर बस्तर संभाग के कर्मचारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार जताया है। बस्तर के रानीबोदली, एर्राबोर, ताड़मेटला, झीरम, टाहकवाड़ा, बुरागुम, घड़ाई, बुर्कापाल, मिनपा, टेकलगुड़ा और तर्रेम जैसे कई क्षेत्र लंबे समय तक नक्सली आतंक के पर्याय बने रहे। इन इलाकों में पदस्थ कर्मचारियों के मन में हमेशा भय का वातावरण बना रहता था। उन्होंने कहा कि विशेषकर लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनावों के दौरान शासकीय कर्मियों को ड्यूटी के दौरान लगातार खतरे का सामना करना पड़ता था। कई बार चुनावी जिम्मेदारियों के निर्वहन के दौरान नक्सली हमलों में शासकीय कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी शहीद भी हुए। संघ की ओर से नक्सली हिंसा में शहीद हुए 1402 सुरक्षाकर्मियों तथा चुनाव कार्य के दौरान जान गंवाने वाले शासकीय कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही, बस्तर में शांति और सुरक्षा का वातावरण स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की गई।






