हाईकोर्ट ने कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा की याचिका खारिज की, चुनाव जीत चुनौतीपूर्ण दौर में

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (जबलपुर) ने रीवा जिले की सेमरिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दायर चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही रद्द करने की मांग की थी। अब मामला ट्रायल स्तर पर जाएगा, जिसमें आरोपों की जांच सबूतों और तथ्यों के आधार पर की जाएगी और अगर आरोप साबित हुए तो उनकी विधायक सदस्यता रद्द हो सकती है। जस्टिस विनय सराफ की एकल पीठ ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे गंभीर हैं और इन्हें केवल तकनीकी आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने अभय मिश्रा को चार सप्ताह के भीतर अपना लिखित जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं, और अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी। याचिका में आरोप हैं कि 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी कृष्णपति त्रिपाठी (केपी त्रिपाठी) ने अभय मिश्रा के निर्वाचन को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया कि उन्होंने नामांकन के दौरान हलफनामे (फॉर्म-26) में 50 से अधिक लोन की जानकारी छुपाई और अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी। 2023 के चुनाव में अभय मिश्रा 56,024 वोटों से जीतें थे, जबकि केपी त्रिपाठी को 55,387 वोट मिले, यानी जीत का अंतर सिर्फ 637 वोट था। यह फैसला कांग्रेस के लिए एक और झटका है, क्योंकि हाल के महीनों में कई विधायकों की सदस्यता पर ऐसे मामले चल रहे हैं। अभय मिश्रा पहले भाजपा से कांग्रेस में आए थे और रीवा जिले में कांग्रेस के एकमात्र विधायक हैं। अगर ट्रायल में आरोप साबित हुए तो उनकी सदस्यता रद्द हो सकती है, जिससे राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।







