भैरमगढ़ के इंद्रावती नदी पर बोरियों में रेत भरकर पुल बनाने में जुटे सैकड़ो ग्रामीण

बीजापुर। जिले के ग्राम पंचायत एवं जिला पंचायत की मदद से बारिश के पहले माड़ के दुर्गम इलाके में राशन के साथ स्कूल आश्रम अस्पताल एवं अन्य निर्माण कार्यों की सामग्री पहुंचाने के लिए बीजापुर के माड़ और नारायणपुर के ओरछा ब्लॉक के सैकड़ो ग्रामीण भैरमगढ़ के इंद्रावती नदी पर प्लास्टिक की सीमेंट की बोरियों रेत भरकर पुल बनाने में जुटे हुए हैं । अच्छी बात यह है कि, इस कार्य मे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके एक दर्जन से अधिक वो नक्सली भी शामिल है, जो कभी पुल पुलिये, सड़क और विकास कार्यों का विरोध करते हुए नजर आते थे।
मिली जानकारी के अनुसार बोरियों में रेत भरकर एक अस्थाई पुल का निर्माण करने के लिए सैकड़ो ग्रामीण ग्राम इतामपारा के एक बुलावे पर बीजापुर और माड़ इलाके के बीच से बहने वाली प्राण दायनी इंद्रावती नदी के िकनारे में एकत्र हो चुके हैं। पिछले 5 दिनों से लगातार सीमेंट और प्लास्टिक के बोरियों में रेत भरकर एक अस्थाई पुल का निर्माण कर रहे हैं ताकि बारिश के पहले माड़ इलाके के सभी गांवों तक आसानी से राशन पहुंचाया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि, साढ़े चार दशकों से पूरा माड़ इलाका नक्सलियों के कब्जे में रहा है। उस दौरान उन्हें राशन से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा था, परंतु अब यह पूरा इलाका नक्सलियों के कब्जे से मुक्त हो चुका है। इसलिए वे चाहते हैं कि, माड़ इलाके में भी विकास कार्य हो और सरकार से मिलने वाले राशन व अन्य सुविधाओं का वे लाभ ले सकें। ग्रामीणों की मांग यह भी है कि, माड़ इलाके में अब साप्ताहिक बाजार की भी शुरुआत की जानी चाहिए ताकि उन्हें रोजमर्रा की सामग्री के लिए भैरमगढ़ या नारायणपुर जाने की आवश्यकता ना पड़े।







