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पारेषण तंत्र को मिली नई मजबूती, एक ही दिन में तीन परियोजनाओं का हुआ ऊर्जीकरण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राज्य के विद्युत पारेषण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए तीन महत्वपूर्ण पारेषण परियोजनाओं से संबंधित 132 केवी लाइनों एवं उनसे संबंधित 132 केवी लाइन बे का सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत एवं चालूकरण किया। इस उपलब्धि पर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पावर कंपनीज के अध्यक्ष श्री सुबोध सिंह ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
पहली परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन 220/132/33 केवी उपकेंद्र, अहिवारा में 132 केवी भिलाई–बेरला परिपथ के एलआईएलओ कार्य को पूरा किया गया एवं लगभग 7.38 किलोमीटर (14.76 सर्किट किलोमीटर) लंबी लाइन को 15 जुलाई को सायं 6.53 बजे लूप मोड में ऊर्जीकृत किया गया।
दूसरी परियोजना के अंतर्गत 132/33 केवी उपकेंद्र, अमलेश्वर में 132 केवी डोमा–पाटन परिपथ-2 के एलआईएलओ कार्य पूर्ण किया गया। इस कार्य के तहत 132 केवी डोमा बे को सायं 6:44 बजे ऊर्जीकृत किया गया तथा लगभग 9.68 किलोमीटर लंबाई के 132 केवी डोमा–अमलेश्वर एवं अमलेश्वर–पाटन परिपथों का ऊर्जीकृत किया गया।
तीसरी कार्य के अंतर्गत 132/33 केवी उपकेंद्र, रसमड़ा से एम/एस जेडी इस्पात को 132 केवी वोल्टेज स्तर पर विद्युत आपूर्ति प्रारंभ की गई। इसके लिए संबंधित 132 केवी लाइन-बे तथा लगभग 1.60 किलोमीटर लंबी 132 केवी रसमड़ा – मेसर्स जे डी इस्पात पारेषण लाइन को सायं 7:11 बजे सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया।
प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि इन तीनों परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश के विद्युत पारेषण तंत्र की क्षमता एवं विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही औद्योगिक एवं अन्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
श्री शुक्ला ने कहा कि इन कार्यों का समयबद्ध एवं सफल क्रियान्वयन राज्य के पारेषण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कंपनी निरंतर आधुनिक तकनीकों के उपयोग एवं बेहतर योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन में कार्यपालक निदेशक (लाइन) श्री संजय पटेल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री पी. पी. सिंह, अधीक्षण अभियंता श्री सुनील भुआर्य, कार्यपालन अभियंता श्री एम. आर. शेरके, कार्यपालन अभियंता श्री हेमंत वरंगे, सहायक अभियंता श्री प्रवीण कुमार शुक्ला, सहायक अभियंता श्री एस. पी. मंडावी तथा कनिष्ठ अभियंता श्री शोएब अहमद सहित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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