गर्मी में बढ़ा संक्रमण का खतरा, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में तेज गर्मी और पानी की कमी के चलते जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। गंदे और दूषित पानी के उपयोग से पीलिया और टायफाइड के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। महामारी नियंत्रण के अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष अब तक टायफाइड के 8,756 लक्षण आधारित मरीज सामने आए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम हैं, जबकि लैब से पुष्टि किए गए मामलों की संख्या भी घटी है। तीव्र हेपेटाइटिस के मामलों में भी कमी आई है और इस साल अब तक केवल 12 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष स्थिति पिछले साल की तुलना में बेहतर है और हेपेटाइटिस ई व कोलेरा का एक भी मामला सामने नहीं आया है। अधिकारियों ने बताया कि इन बीमारियों के इलाज के लिए पहले से ही दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और राहत की बात यह है कि इस साल इन बीमारियों से अब तक किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है।







