स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय पटल स्थान बना रहा है दंतेवाड़ा का जिला चिकित्सालय

रायपुर। दंतेवाड़ा जिले के लिए गौरव का विषय है कि जिला चिकित्सालय को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, बेहतर प्रबंधन और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की उत्कृष्टता का प्रमाण मानी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय और जिला प्रशासन के नेतृत्व में जिले के स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। जिला चिकित्सालय द्वारा बताया गया कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम द्वारा अस्पताल का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध स्टाफ, संसाधन, दवाइयों की उपलब्धता, उपचार की गुणवत्ता, कार्यकुशलता, स्वच्छता एवं मरीजों की संतुष्टि जैसे विभिन्न बिंदुओं पर गहन निरीक्षण और सर्वे किया गया। सभी मानकों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर जिला चिकित्सालय को यह प्रमाणन प्राप्त हुआ।
उल्लेखनीय है कि (एनक्यूएएस) स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता सुधार के लिए तैयार किया गया एक राष्ट्रीय फ्रेमवर्क है, जिसके माध्यम से अस्पतालों में मरीजों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाती हैं। इस प्रमाणन के बाद जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं उन्नत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि जिले में (एनक्यूएएस) सर्टिफिकेशन के लिए विशेष तैयारी के साथ कार्य किया जा रहा है। आने वाले समय में जिले के 40 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी (एनक्यूएएस) मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रतीक सोनी एवं जिला क्वालिटी सलाहकार अंकित सिंह द्वारा लगातार तकनीकी एवं प्रबंधन स्तर पर तैयारी की जा रही है।







